प्रयागराज, 15 अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गाजियाबाद के कवि नगर इलाके में किराए के मकान से कथित तौर पर फर्जी दूतावास संचालित करने के आरोपी हर्षवर्धन जैन को जमानत दे दी है।
न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने जैन की जमानत अर्जी मंजूर की।
जैन के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि वह विभिन्न देशों के ध्वज लगाकर कवि नगर में अवैध रूप से दूतावास संचालित कर रहा था और वाहनों पर राजनयिक नंबर प्लेट लगाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहा था।
आरोप है कि जैन ने स्वयं को वेस्टार्कटिका, सबोरगा, पुलविया और लोडोनिया जैसे अस्तित्वहीन देशों का राजदूत बताकर पेश किया। इसके अलावा, उसने कथित तौर पर विभिन्न देशों की नकली मुहर (सील) का भी उपयोग किया।
अदालत ने दो अप्रैल को पारित अपने आदेश में कहा, ‘‘सभी तथ्यों और परिस्थितियों, आरोपों की प्रकृति, दोषी पाए जाने पर सजा की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करते हुए तथा मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना, आरोपी को जमानत पर रिहा किए जाने का मामला बनता है। इस प्रकार, जमानत याचिका स्वीकार की जाती है।’’
भाषा सं राजेंद्र खारी
खारी
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
