पुएबला (मेक्सिको), 11 अप्रैल (भाषा) भारत की ज्योति सुरेखा वेन्नम, मधुरा धामनगांवकर और प्रगति की कंपाउंड महिला तिकड़ी ने शनिवार को यहां तीरंदाजी विश्व कप के पहले चरण में अमेरिका को 233-232 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।
यह इस सत्र की शुरुआती प्रतियोगिता में भारत का पहला पदक है, जो बड़ी राहत बनकर आया, क्योंकि रिकर्व और पुरुषों के कंपाउंड वर्ग के कोई भी तीरंदाज अपने लक्ष्य को भेद नहीं पाए और खाली हाथ लौटे।
भारत की नजर एक और पदक पर लगी है, जिसमें ओजस देवतले और प्रगति आज कंपाउंड मिश्रित टीम के कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगे।
रिकर्व वर्ग का कोई भी प्रतिभागी पदक दौर तक नहीं पहुंच पाया, जिसमें पूर्व ओलंपियन तरुणदीप राय, अतनु दास, धीरज बोम्मादेवरा और दीपिका कुमारी शामिल हैं।
भारतीय तीरंदाज प्री-क्वार्टरफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाये। दास और धीरज अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों से हारकर बाहर हो गए।
पुरुषों की रिकर्व टीम ने 10वीं वरीयता के साथ क्वालिफाई किया था, लेकिन वह पहले ही दौर में स्पेन से सीधे सेटों में हार कर बाहर हो गई।
महिलाओं की रिकर्व टीम ने पहले दौर की बाधा तो पार कर ली, लेकिन क्वार्टरफाइनल में तुर्की के हाथों हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई।
महिलाओं के व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में भारत की सबसे सफल तीरंदाज दीपिका दूसरे दौर में ही हार गईं, जबकि अंकिता भगत, सिमरनजीत कौर और कुमकुम मोहद एक दौर और आगे बढ़ीं, लेकिन तीसरे दौर में बाहर हो गईं।
भारत की मिश्रित टीम (धीरज और कुमकुम) का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा, जो ब्राजील से हारकर पहले ही दौर में बाहर हो गई।
महिलाओं की टीम के स्वर्ण पदक के लिए हुआ मुकाबला बेहद रोमांचक और उतार-चढ़ाव भरा रहा।
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
