(फाइल फोटो के साथ)
ओंडा/छतना (पश्चिम बंगाल), 11 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सहानुभूति हासिल करने के लिए ‘पीड़ित कार्ड’ खेलने का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्होंने अपने 15 साल के शासनकाल में राज्य को विनाश की ओर धकेल दिया है।
बांकुड़ा जिले के छतना और ओंडा तथा पुरुलिया के बाघमुंडी में रैलियों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के ‘सिंडिकेट राज’ का अंत करेगी और अत्याचार का शिकार महिलाओं को न्याय दिलाएगी।
शाह ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी ‘पीड़ित कार्ड’ खेलती हैं। वह कभी-कभी अपने पैर या सिर पर पट्टी बांध लेती हैं। ममता दीदी, इस चुनाव में आप चाहे अपने पैर, सिर या हाथ पर पट्टी बांध लें, बंगाल की जनता आपको वोट नहीं देगी।’’
वर्ष 2021 में बंगाल में आठ चरणों में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान, टीएमसी प्रमुख नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान लगी चोट के बाद पैर में बंधे प्लास्टर के साथ व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार कर रही थीं।
उन्होंने पुरुलिया जिले के बाघमुंडी में कहा,‘‘बनर्जी ने बंगाल को बर्बादी की ओर धकेल दिया है। 7,000 उद्योग राज्य छोड़कर चले गए हैं। युवाओं को दूसरे राज्यों में काम ढूंढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।’’
शाह ने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद युवाओं को राज्य के भीतर ही काम मिलेगा, और जब तक रोजगार नहीं मिल जाता, तब तक उन्हें 3,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के ‘सोनार बांग्ला’ के सपने को साकार करने की दिशा में काम करेगी।
शाह ने कहा, ‘‘हम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल की खोई हुई शान को वापस लाने के लिए काम करेंगे।’’
भाजपा नेता ने टीएमसी पर हर क्षेत्र में ‘सिंडिकेट राज’ फैलाने और ‘कट मनी’ वसूलने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘बंगाल में गुंडे और घुसपैठिए राज कर रहे हैं’।
ओंडा में उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के बाद हम तृणमूल कांग्रेस सरकार के ‘सिंडिकेट राज’ को खत्म कर देंगे। अब हीरक रानी को ‘टाटा बाय बाय’ कहने का समय आया है।’’
बांकुड़ा जिले के ओंडा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने आलू किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी उपज को देशभर में भेजा जाएगा, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके।
शाह ने ऑस्कर विजेता फिल्मकार सत्यजीत राय की 1980 में रिलीज हुई क्लासिक फिल्म ‘हिरक राजार देशे’ (हीरों का साम्राज्य) का उल्लेख किया। उत्पल दत्त और सौमित्र चटर्जी अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे राजा की कहानी है, जो तानाशाह होता है और विरोध करने वालों तथा अपनी प्रजा पर अत्याचार करता है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘राज्य में सीमेंट से लेकर रेत खरीदने तक हर काम के लिए या तो सत्तारूढ़ पार्टी को ‘कट मनी’ देनी पड़ती है या सिंडिकेट के जरिए गुजरना पड़ता है।’’
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिलाओं से रात में बाहर न निकलने को कहा है, जबकि भाजपा शासित असम में एक लड़की रात एक बजे भी सोने के गहने पहनकर बिना डर के बाहर निकल सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर महिलाओं की 24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने बंगाल को शर्मसार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के संदेशखलि में महिलाओं को वर्षों तक तृणमूल कांग्रेस के गुंडों के अत्याचार झेलने पड़े।
शाह ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी के शासनकाल में महिलाओं पर अत्याचार करने वाले सभी लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।’’
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ‘‘बंगाल के आलू किसानों की उपज को पूरे देश में भेजा जाएगा, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके।’’
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने पहले अन्य राज्यों में आलू की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। अब किसानों का आरोप है कि इस साल बंपर उत्पादन के कारण कीमतों में गिरावट आ गई है, जिससे वे संकट का सामना कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर घुसपैठियों को बाहर कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत कोई ‘धर्मशाला’ नहीं है और देश के लिए खतरा बने घुसपैठियों को बाहर निकाल दिया जाएगा।’’
शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में भाजपा के 300 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अर्धसैनिक बलों के साथ पर्याप्त व्यवस्था की है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस का कोई भी गुंडा गड़बड़ी न कर सके।’’
पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना चार मई को होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा आवंटित राशन बिचौलियों द्वारा हेराफेरी के कारण गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अंगूठे के निशान की प्रणाली लागू करेंगे, ताकि टीएमसी के गुंडों के हाथों में एक ग्राम भी अनाज न जाए।’’
उन्होंने बताया कि आदिवासी समुदाय से पहले कभी किसी को राष्ट्रपति नहीं बनाया गया था, लेकिन मोदी सरकार के प्रयास से द्रौपदी मुर्मू भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने एक आदिवासी कार्यक्रम के लिए राज्य में आने पर मुर्मू का अपमान किया था। उन्होंने बंगाल के आदिवासियों से बनर्जी को चुनाव में हराकर इसका बदला लेने की अपील की।
शाह ने कहा कि भाजपा ने बंगाल में सरकार बनते ही कुर्माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘‘राजबंगशी और कुर्माली बंगाल, असम और झारखंड की महत्वपूर्ण भाषाएं हैं।’’
समाज सुधारक और शिक्षाविद ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के पिछड़े और आदिवासी लोगों के कल्याण के लिए कई परियोजनाएं शुरू करने का निर्णय लिया है।
शाह ने कहा, ‘‘भाजपा ने राज्य में सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर घुसपैठ रोकने के लिए बीएसएफ को बाड़ लगाने के लिए जमीन देने का फैसला किया है।’’
शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने पिछले 15 वर्षों में अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी करने के अलावा और कुछ नहीं किया। शाह ने कहा, ‘‘मैं आज उनसे कहना चाहता हूं कि ‘भाईपो’ (भतीजा) कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएगा। आपका समय समाप्त हो चुका है।’’
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप
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