उत्तरी लखीमपुर/गुवाहाटी, 10 अप्रैल (भाषा) असम के उत्तरी लखीमपुर में अज्ञात लोगों ने पथराव कर एक असमी दैनिक के कार्यालय की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिये। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उसने कहा कि संदेह है कि यह घटना बीती रात हुई।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया,“हमें पता चला है कि बदमाशों ने कार्यालय पर पत्थर फेंके। खिड़कियों के शीशे टूट गए। हमने जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।”
यह हमला उत्तरी लखीमपुर में एक इमारत की पहली मंजिल पर मौजूद ‘असोमिया प्रतिदिन’ अखबार के उत्तर लखीमपुर संस्करण के कार्यालय में हुआ।
अखबार के कर्मचारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह जब कार्यालय खुला तब उन्होंने देखा कि खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं और अंदर पत्थर पड़े हैं।
एक कर्मचारी ने बताया, “हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी। हमें पता चला है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं।”
पिछले महीने शिवसागर जिले में अज्ञात लोगों ने इसी अखबार के बंडलों को कथित तौर पर जला दिया था।
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए बृहस्पतिवार को मतदान हुआ। वोटों की गिनती चार मई को होगी।
इस घटना की निंदा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की।
गोगोई ने कहा, ‘‘हाल में अखबारों के बंडल जलाए गए, लेकिन हमने कोई पुलिस कार्रवाई नहीं देखी। ऐसा लगता है कि गृह विभाग के प्रभारी मुख्यमंत्री पुलिस बल का इस्तेमाल सिर्फ अपने निजी कार्यों के लिए कर रहे हैं।
विपक्षी दल असम जातीय परिषद (एजेपी) ने भी इस हमले की निंदा की।
एजेपी अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई और महासचिव जगदीश भुयान ने एक बयान में कहा, “हम इस तरह की तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करते हैं। दोषियों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि यह प्रेस की स्वतंत्रता का हनन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
भाषा
राजकुमार पवनेश
पवनेश
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