बिस्वनाथ (असम): असम में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सरमा पर भ्रष्टाचार और लोगों के बीच विभाजन फैलाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस को जनता के हित में काम करने वाला विकल्प बताया.
बिस्वनाथ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरमा के “बेतुके” बयान उनकी नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश हैं. उन्होंने उन्हें “भारत का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” बताया. कांग्रेस सांसद ने दिवंगत गायक जुबिन गर्ग का भी जिक्र किया, जिनकी मौत को लेकर विवाद हुआ था. कांग्रेस नेता गौरव गोगोई समेत कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस मामले में मुख्यमंत्री के करीबी लोगों के लिंक हैं.
राहुल गांधी ने कहा, “आपके मुख्यमंत्री 24 घंटे बेकार की बातें करते रहते हैं. जुबिन गर्ग ने अपना पूरा जीवन असम को समर्पित किया. उन्होंने कभी किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया. आपके बड़े नेताओं ने कभी असम को बांटने या नफरत फैलाने की कोशिश नहीं की. लेकिन आपके मुख्यमंत्री लगातार राज्य को बांटने और नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं. वह ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वह भारत के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं. उन्हें पता है कि कांग्रेस पार्टी के ‘शेर’ उन्हें जेल भेजेंगे.”
उन्होंने आगे कहा कि समय आने पर सरमा को असम के लोगों और कांग्रेस नेताओं से माफी मांगनी पड़ेगी और “माफी की भीख” मांगनी पड़ेगी.
राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह असम के लोगों की बजाय कुछ बड़े कॉरपोरेट समूहों के हित में काम कर रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि असम के संसाधन उद्योगपतियों को सौंपे जा रहे हैं.
उन्होंने कहा, “दिल्ली में बैठे उनके बिजनेस पार्टनर अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने आपको अपना निजी ATM बना दिया है. आपकी जमीन अंबानी, अडानी और बाबा रामदेव को दे दी गई है. वह यह जमीन मुफ्त में नहीं देते, इसके बदले उन्हें इन लोगों का समर्थन मिलता है… जब भी ट्रंप ट्वीट करते हैं, मोदी कांपने लगते हैं.”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सरमा का परिवार भी शामिल है. उन्होंने कहा, “उनका परिवार भी अब इसमें फंस गया है, उनका परिवार बर्बाद हो गया है.”
उन्होंने कांग्रेस के घोषणापत्र के कुछ वादों का भी जिक्र किया. इसमें असम की छह समुदायों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने और चाय बागान मजदूरों के लिए 450 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने का वादा शामिल है, जो ऊपरी असम में एक बड़ा वोट बैंक माना जाता है.
उन्होंने कहा, “जैसे ही असम में हमारी सरकार बनेगी, हम असम के लिए लिए गए छह फैसलों को लागू करेंगे. हर महिला को बिना किसी शर्त के हर महीने उसके बैंक खाते में पैसा दिया जाएगा और जो लोग व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं उन्हें 50,000 रुपये दिए जाएंगे. हम गारंटी देते हैं कि 100 दिनों के भीतर जुबिन गर्ग मामले के आरोपियों को सजा दी जाएगी और कार्रवाई होगी.”
जुबिन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हो गया था. रिपोर्ट के अनुसार, वह नशे की हालत में थे और लाइफ जैकेट लेने से मना करने के बाद लाजरूस द्वीप के पास समुद्र में डूब गए थे.
असम में चुनावी मुकाबला तेज हो गया है, जहां सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने अभियान तेज कर दिए हैं.
असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा और मतगणना 4 मई को होगी.
भाजपा के नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए), जिसमें भारतीय जनता पार्टी, असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) शामिल हैं, राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश कर रहा है.
वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन, जिसमें असम जातीय परिषद (AJP), राइजर दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)], CPI(ML) और अन्य दल शामिल हैं, सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाकर सरकार बनाने की कोशिश में है.
