इंदौर (मध्यप्रदेश), दो अप्रैल (भाषा) भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की एक योजना में देश भर में 129.55 करोड़ रुपये के संदिग्ध रिचार्ज के मामले में इंदौर के सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी के अनुसार इन लोगों पर बिना वास्तविक भुगतान के उनके वॉलेट में आई राशि का दुरुपयोग करके सरकारी क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनी को करीब 5.73 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) उमाकांत चौधरी ने बताया कि बीपीसीएल के एक अधिकारी की शिकायत पर क्षिप्रा थाने में सात लोगों पर भारतीय दंड विधान की धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य संबद्ध प्रावधानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने शिकायत के हवाले से बताया कि बीपीसीएल को 31 मार्च, 2023 को मिली एक सूचना के बाद डेटा के विश्लेषण से पता चला कि उसकी ‘स्मार्ट फ्लीट’ योजना के देश भर में फैले 1,093 ग्राहकों के वॉलेट में कुल 129.55 करोड़ रुपये के रिचार्ज हुए, लेकिन कंपनी के बैंक खाते में यह राशि नहीं पहुंची।
चौधरी ने बताया कि गड़बड़ी के खुलासे पर बीपीसीएल ने इन सभी ग्राहकों के ‘स्मार्ट फ्लीट’ खातों को ब्लॉक कर दिया।
उन्होंने बताया कि बीपीसीएल की जांच के दौरान इन ग्राहकों में शामिल सात लोग इंदौर के पाए गए जिनकी पहचान विशाल सिंह, शशि सिंह, दलवीर सिंह, बलजिंदर सिंह, वाहिद खान, नरेन्द्र सिंह बासु और बलबीर सिंह के रूप में हुई है।
चौधरी ने बताया कि इन लोगों ने बीपीसीएल के बार-बार पत्राचार के बावजूद अपने वॉलेट में कथित तौर पर गलत तरीके से आई रिचार्ज राशि कंपनी को वापस नहीं की।
डीएसपी ने बताया कि आरोपियों ने करीब 5.73 करोड़ रुपये की राशि का दुरुपयोग करते हुए बीपीसीएल के साथ धोखाधड़ी की।
उन्होंने बताया, ‘‘हम जांच कर रहे हैं कि बीपीसीएल की ‘स्मार्ट फ्लीट’ योजना में संदिग्ध रिचार्ज किस तरह हुए।’’
‘स्मार्ट फ्लीट’ योजना, बीपीसीएल का आधुनिक ईंधन प्रबंधन कार्यक्रम है। इसके जरिये खासकर ट्रांसपोर्टर या गाड़ियों के बेड़ों के मालिक ओटीपी आधारित वर्चुअल कार्ड के जरिये देश भर में आसानी से ईंधन खरीद सकते हैं।
भाषा हर्ष राजकुमार अजय
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