नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) लंदन उच्च न्यायालय ने बुधवार को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पित करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि नीरव मोदी को भारत में 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के सिलसिले में प्रत्यर्पित किया जाना है।
मोदी ने उच्च न्यायालय की किंग्स बेंच डिवीजन में याचिका दायर की थी। क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के वकील ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम की सहायता से उसकी याचिका के खिलाफ दलीलें पेश कीं।
जांच अधिकारियों सहित सीबीआई अधिकारियों की एक टीम सुनवाई के लिए लंदन गई थी।
सीबीआई की प्रवक्ता ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘(हथियार कारोबारी संजय) भंडारी मामले में आए फैसले के आधार पर मामले में दोबारा सुवाई शुरू करने की अर्जी दायर की गई थी। हालांकि, सीबीआई के निरंतर और समन्वित प्रयासों से इस चुनौती को सफलतापूर्वक पार कर लिया गया।’’
प्रवक्ता की बताया कि मोदी की याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि याचिका और उससे संबंधित परिस्थितियां इतनी असाधारण नहीं थीं कि मामले में दोबारा सुनवाई का औचित्य साबित हो सके।
उन्होंने कहा, ‘‘सीबीआई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में महत्वपूर्ण वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े पीएनबी घोटाले के संबंध में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, और इस मामले में कार्यवाही 2018 से जारी है।’’
प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन की अदालतों ने 2019 में मोदी की गिरफ्तारी के बाद उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी और उसकी पिछली अपीलों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि अदालतों को कोई कानूनी खामी नहीं मिली और भारत में उसके साथ किए जाने वाले व्यवहार के संबंध में दिए गए आश्वासनों को स्वीकार कर लिया गया था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हालांकि एक अस्थायी कानूनी बाधा ने प्रक्रिया में देरी की, लेकिन इसे अगस्त 2025 में हटा दिया गया। नीरव मोदी ने संभावित दुर्व्यवहार (भंडारी फैसले के आधार पर) के बारे में चिंताओं का हवाला देते हुए और यह सवाल उठाया कि क्या भारतीय अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन उसके अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त हैं। उसने इसके साथ ही मामले पर दोबारा सुनवाई के लिए आवेदन किया था।’’
मोदी 19 मार्च 2019 से ही ब्रिटेन की अदालत में कैद है।
प्रवक्ता ने बताया कि मोदी एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी है, जिस पर भारत में अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर पीएनबी को कथित तौर पर धोखा देने के आरोप में मुकदमा चल रहा है। उन्होंने बताया कि मोदी ने अकेले ही 6,498.20 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।
भाषा धीरज रंजन
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