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Wednesday, 25 March, 2026
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मेटा का पक्ष जाने बिना फेसबुक मार्केटप्लेस पर सूचीबद्धता को लेकर कार्रवाई नहीं की जाए: अदालत

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नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) को बुधवार को निर्देश दिया कि वह अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी ‘मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक’ के खिलाफ ‘फेसबुक मार्केटप्लेस’ पर डाली जाने वाली किसी भी अनधिकृत सूचीबद्धता को लेकर कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करे, जब तक कि उसे अपना पक्ष रखने का मौका न दिया जाये।

‘फेसबुक मार्केटप्लेस’ पर वॉकी-टॉकी की कथित अनधिकृत बिक्री और सूचीबद्धता के लिए सीसीपीए के एक आदेश के खिलाफ मेटा की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि प्लेटफॉर्म को ‘‘अस्पष्ट और व्यापक’’ निर्देश देकर दंडित नहीं किया जा सकता है।

मेटा के वरिष्ठ वकील ने कहा कि आदेश के अनुपालन में, प्लेटफॉर्म बाजार में वॉकी-टॉकी की किसी भी सूचीबद्धता की अनुमति नहीं दे रहा था, लेकिन उसे दिए गए अन्य ‘‘व्यापक’’ निर्देशों पर आपत्ति जताई, जिसमें यह सुनिश्चित करना भी शामिल था कि वैधानिक अनुमोदन/प्रमाणीकरण की आवश्यकता वाले किसी भी अन्य उत्पाद को उचित अनुमोदन के बिना सूचीबद्ध न किया जाए या बेचा न जाए।

केंद्र सरकार के वकील ने आदेश का बचाव करते हुए कहा कि सीसीपीए को इस तरह के निर्देश पारित करने का कानूनी अधिकार प्राप्त है।

अदालत ने याचिकाकर्ता को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के समक्ष अपनी इस शिकायत को रखने की स्वतंत्रता दी कि सीसीपीए के पास उस पर अधिकार क्षेत्र नहीं है क्योंकि वह एक ई-कॉमर्स मंच नहीं है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को अपील दायर करके एनसीडीआरसी के समक्ष इस मुद्दे को उठाने की स्वतंत्रता दी जाती है।

मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने दिल्ली उच्च न्यायालय में सीसीपीए के उस आदेश को 18 मार्च को चुनौती दी थी जिसमें फेसबुक मार्केटप्लेस पर वॉकी-टॉकी की कथित अनधिकृत बिक्री एवं सूचीबद्धता को लेकर उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

भाषा

देवेंद्र अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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