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Monday, 27 April, 2026
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सेबी ने ब्रोकर रिपोर्टिंग नियमों, अनुपालन आवश्यकताओं में छूट दी

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नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को शेयर ब्रोकर को सूचना देने से जुड़ी आवश्यकताओं में छूट दी। इसके तहत डीमैट खातों की अनिवार्य रिपोर्टिंग को समाप्त कर दिया गया है और बैंक खातों के खुलासे संबंधी नियमों में भी छूट दी गई है।

इन बदलावों का उद्देश्य नियामक दक्षता बढ़ाना और रिपोर्टिंग दायित्वों को व्यवस्थित और सरल बनाकर ब्रोकर के लिए कारोबार सुगमता को बढ़ावा देना है।

संशोधित रूपरेखा के तहत, जो शेयर ब्रोकर बैंक या प्राइमरी डीलर भी हैं, उन्हें शेयर बाजारों को केवल उन्हीं बैंक खातों की जानकारी देनी होगी जिनका उपयोग वे शेयर ब्रोकिंग गतिविधियों के लिए करते हैं।

इसके अलावा, शेयर ब्रोकर द्वारा रखे गए डीमैट खातों को उचित रूप से दिखाया जाना जारी रहेगा, लेकिन यह आवश्यकता उन खातों पर लागू नहीं होगी जिनका उपयोग विशेष रूप से शेयर ब्रोकिंग के अलावा अन्य गतिविधियों के लिए किया जाता है।

सेबी ने शेयर ब्रोकर के लिए शेयर बाजारों को डीमैट खातों की जानकारी देने की आवश्यकता को भी समाप्त कर दिया है। हालांकि, डिपॉजिटरी ब्रोकर द्वारा खोले या बंद किए गए डीमैट खातों का ब्योरा शेयर बाजार को देंगे। इस बारे में व्यवस्था संयुक्त रूप से निर्धारित की जाएगी।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के परिपत्र के अनुसार, शेयर ब्रोकरों को सात कार्य दिवस के भीतर शेयर बाजारों को बैंक खाते खोलने या बंद करने की सूचना देनी होगी।

ये प्रावधान 17 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे।

भाषा रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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