मुंबई, 23 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे ने सोमवार को सरकार को निर्देश दिया कि सातारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी को जिला परिषद के अध्यक्ष पद के लिए पिछले सप्ताह हुए चुनाव के दौरान हंगामे और हाथापाई के सिलसिले में निलंबित किया जाए।
शिवसेना के मंत्री शंभूराज देसाई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के मकरंद पाटिल और दोनों दलों के अन्य सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक के निलंबन की मांग की है।
देसाई और पाटिल ने आरोप लगाया कि जिला परिषद के अध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को हुए चुनाव के दौरान स्थानीय पुलिस ने उनसे हाथापाई की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रिया शिंदे शिवसेना-राकांपा गठबंधन के उम्मीदवार को शिकस्त देकर जिला परिषद की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। भाजपा ने मामूली अंतर से शिवसेना-राकांपा गठबंधन से अधिक मत हासिल कर शीर्ष पद पर जीत दर्ज की।
सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले लंबित कार्यों को निपटाने के लिए बुलाई गई विशेष बैठक में शिवसेना सदस्य हेमंत पाटिल ने यह मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि देसाई, मकरंद पाटिल और राकांपा के विधान परिषद सदस्य शशिकांत शिंदे के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।
इस पर उपसभापति नीलम गोरहे ने कहा, “मैं सरकार को निर्देश देती हूं कि सातारा के पुलिस अधीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाए, जिन्होंने मतदाताओं और मंत्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस मामले में जांच शुरू करनी चाहिए थी, लेकिन किसी कारणवश ऐसा नहीं हुआ।
इस मुद्दे पर शिवसेना, राकांपा और भाजपा सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
महाराष्ट्र में ‘महायुति’ सरकार के तहत भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा सत्ता में साझेदार हैं।
भाषा खारी गोला
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