जम्मू, 21 मार्च (भाषा) कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की और केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने एलपीजी संकट और केंद्र शासित प्रदेश के अन्य गंभीर मुद्दों पर चिंता व्यक्त की।
कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लोकभवन में उपराज्यपाल से मुलाकात की।
कांग्रेस नेताओं ने सिन्हा के साथ अपनी मुलाकात के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों को प्रभावित करने वाले कई मुद्दों को उठाया, जिनमें राज्य का दर्जा बहाल करना, एलपीजी की मौजूदा कमी, 1947, 1965 और 1971 के शरणार्थियों के लिए एक व्यापक पैकेज और उन्हें अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देना शामिल है।
भल्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने एलपीजी की कमी के मुद्दे के अलावा, राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करने का मुद्दा भी उठाया है।’
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने शरणार्थी परिवारों के लिए एक व्यापक पुनर्वास पैकेज का जिक्र किया, जिसकी सिफारिश कांग्रेस-नेकां सरकार ने 2014 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निर्देशों पर की थी। इस पैकेज में अन्य घटकों के साथ-साथ प्रति परिवार 30 लाख रुपये का प्रावधान था।
हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रति परिवार केवल 5.5 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है और वह भी अभी तक सभी पात्र परिवारों को वितरित नहीं की गई है।
कांग्रेस नेताओं ने इस पैकेज के पूर्ण कार्यान्वयन और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से आए शरणार्थियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग की तथा केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन से पर्यटन और तीर्थयात्राओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्र के लिए अतिरिक्त एलपीजी कोटा उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।
भाषा राखी पवनेश
पवनेश
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