नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने उस व्यक्ति के परिवार को 61 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है, जिन्हें 2013 में उत्तर प्रदेश में एक सड़क दुर्घटना में मस्तिष्क में गंभीर चोटें आई थीं।
पीठासीन अधिकारी विजय कुमार झा पीड़ित सत्यवीर सिंह द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई कर रहे थे, जिन्हें 25 सितंबर, 2013 को गाजियाबाद में एक कार द्वारा उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मारने के बाद गंभीर चोटें आई थीं।
न्यायाधिकरण ने कहा, ‘‘उपरोक्त के मद्देनजर, यह माना जाता है कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में सफल रहे हैं कि घायल सत्यवीर सिंह (अब मृतक) को दुर्घटना में गंभीर चोटें आई थीं, जो दोषी वाहन (कार चालक) के लापरवाहीपूर्ण और तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुई थी।’’
न्यायाधिकरण ने इस बात पर गौर किया कि पीड़ित कई सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहा और बाद में यह पाया गया कि उन्हें 90 प्रतिशत स्थायी मस्तिष्क दिव्यांगता हुई है
इसने माना कि यह दुर्घटना कार चालक की लापरवाही और तेज गति से गाड़ी चलाने के कारण हुई, जिसने 25 सितंबर, 2013 को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन रोड पर पीड़ित की मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी थी।
सिंह की मौत दुर्घटना के 11 साल से अधिक समय बाद फरवरी 2025 में हुई थी।
न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति देने के लिए उत्तरदायी ठहराया और उसे 30 दिनों के भीतर मुआवजे की राशि जमा करने का निर्देश दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और चिकित्सा साक्ष्यों पर भरोसा करते हुए, न्यायाधिकरण ने निष्कर्ष निकाला कि दुर्घटना में शामिल वाहन की गति तेज थी और उसने मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मारी, जिससे लापरवाही साबित हुई।
भाषा
देवेंद्र अविनाश
अविनाश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.