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Thursday, 26 March, 2026
होमदेशसिद्धरमैया के इशारे पर धमकी के आरोप संबंधी याचिका की सुनवाई से न्यायालय का इनकार

सिद्धरमैया के इशारे पर धमकी के आरोप संबंधी याचिका की सुनवाई से न्यायालय का इनकार

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नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका की सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने एक संपत्ति पर कब्जा करने के लिए धमकियों की साजिश रची है।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया कि उनका मुवक्किल कर्नाटक में प्रवेश नहीं कर पा रहा है और उसे मजबूर होकर दिल्ली में रहना पड़ रहा है।

पीठ ने पूछा, ‘‘क्या कर्नाटक के मुख्यमंत्री दिल्ली में आपके पीछे लोगों को भेज रहे हैं?’’ इस पर वकील ने जवाब दिया, ‘‘दिल्ली में नहीं, यह कर्नाटक में हो रहा है।’’

वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता कर्नाटक लौटना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘बार-बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और मेरे पक्ष में अदालत से आदेश मिलने के बावजूद धमकियां जारी हैं।’’

वकील ने यह भी दावा किया कि जनवरी में उनके मकान पर पथराव की घटना हुई थी और कुछ लोगों ने उसमें तोड़फोड़ की थी। वकील ने कहा, ‘‘वे इस संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं।’’

पीठ ने सवाल किया कि याचिकाकर्ता ने संबंधित उच्च न्यायालय का रुख क्यों नहीं किया। इस पर वकील ने जवाब दिया, ‘‘समस्या यह है कि इन धमकियों के कारण मैं कर्नाटक राज्य में प्रवेश नहीं कर पा रहा हूं। मुझे मजबूर होकर दिल्ली में रहना पड़ रहा है।’’

इसके बाद पीठ ने एक समिति का उल्लेख किया और पूछा कि क्या याचिकाकर्ता उस समिति का नेतृत्व कर रहा है?

शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि याचिकाकर्ता अदालत में एक “राजनीतिक लड़ाई” लड़ रहा है। इस पर वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता का राजनीति से कोई संबंध नहीं है।

जब पीठ ने दो व्यक्तियों द्वारा दायर इस याचिका की सुनवाई करने में अनिच्छा दिखाई, तो वकील ने उसे वापस लेने की अनुमति मांगी।

याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया गया और इसके साथ ही याचिकाकर्ताओं के लिए संबंधित उच्च न्यायालय में उपलब्ध उपायों का सहारा लेने का रास्ता खुला रह गया।

भाषा सुरेश अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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