श्रीनगर, 20 मार्च (भाषा) कश्मीर के मीरवाइज (प्रमुख धर्मगुरु) उमर फारूक ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्हें नजरबंद कर दिया गया और यहां जामिया मस्जिद में सामूहिक नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई।
मीरवाइज ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “रमजान के दौरान लगातार तीसरे शुक्रवार को मुझे मनमाने ढंग से नजरबंद कर दिया गया। इसकी कोई लिखित सूचना नहीं दी गई, लेकिन मेरे घर के गेट व पूरे इलाके के बाहर पुलिस वाहन और भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। गलियों और रास्तों को कंटीले तारों से बंद किया गया और यातायात रोक दिया गया ताकि मैं जामिया मस्जिद में जुमे का खुतबा न दे सकूं।”
उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें शहर के निगीन इलाके में स्थित उनके आवास के बाहर सुरक्षाबलों और पुलिस वाहनों की तैनाती देखी जा सकती है।
शहर के नौहट्टा इलाके स्थित जामिया मस्जिद में जुमे का खुतबा देने वाले मीरवाइज ने कहा कि उनकी नजरबंदी “सरकार की घबराहट” को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, “यह कदम सरकार की बेचैनी दिखाता है। इस क्षेत्र के मुसलमानों के लिए जामा मस्जिद बहुत अहम है, और यही बात उन्हें खटकती है। मुस्लिम संस्थाएं और मुस्लिम भी उन्हें पसंद नहीं हैं और वे उन्हें कमजोर करना चाहते हैं। लेकिन ऐसे कदम न तो हमारी पहचान मिटा सकते हैं और न ही हमारे विश्वास को कमजोर कर सकते हैं। ये कोशिशें नाकाम होंगी।”
भाषा खारी जोहेब
जोहेब
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