अहमदाबाद, 16 मार्च (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारत के पूर्व क्रिकेटर किरण मोरे और तीन अन्य को बड़ौदा क्रिकेट संघ (बीसीए) के चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया।
अदालत ने निर्वाचन अधिकारी के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें विभिन्न पदों के लिए उनके नामांकन पत्रों को स्वीकार किया गया था।
न्यायमूर्ति निरल आर मेहता ने उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का हवाला दिया गया था जिसमें क्रिकेट संस्था में उम्मीदवारों के नौ साल का कुल कार्यकाल पूरा करने और अनिवार्य ब्रेक (कूलिंग ऑफ अवधि) का जिक्र था।
अदालत ने चुनाव अधिकारी के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें उन्होंने पदाधिकारियों के पद के लिए मोरे, अमूल जिकर, अनंत इंदुलकर और अमर पेटीवाले के नामांकन पत्र स्वीकार किए थे और 22 फरवरी को जारी उम्मीदवारों की अंतिम सूची में उनके नाम प्रकाशित किए थे।
याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि प्रतिवादी बीसीए के पदाधिकारियों के पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं।
अदालत ने कहा, ‘‘नतीजतन निर्वाचन अधिकारी द्वारा पदाधिकारियों के पद के लिए प्रतिवादियों के नामांकन पत्र स्वीकार करने और 22 फरवरी को जारी उम्मीदवारों की अंतिम सूची में उनके नाम प्रकाशित करने का फैसला रद्द किया जाता है।’’
अदालत ने निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया कि वह चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं और कानून तथा आदेश में की गई टिप्पणियों के अनुसार परिणाम घोषित करें।
अदालत ने प्रतिवादियों के अंतरिम व्यवस्था के अनुरोध को भी स्वीकार कर लिया और उन्हें अदालत के आदेश को लेकर अपील करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।
भाषा सुधीर पंत
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