जम्मू, 14 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वैश्विक पहुंच ने भारत को अपनी ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने में मदद की।
उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति के कारण कई देशों को एलपीजी और गैस की आपूर्ति या तो कम कर दी गई या पूरी तरह रोक दी गई, जिससे दुनिया के कई हिस्सों में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया।
सिंह ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारे प्रधानमंत्री की विश्व भर में इतनी प्रतिष्ठा और सम्मान है कि कोई भी उनकी बात को अनसुना नहीं करता।”
उन्होंने कहा, “आज भी, जब कई अन्य देशों को गैस की आपूर्ति रोक दी गई है, तो मोदी के सिर्फ एक फोन के बाद ही हमारे जहाज वहां (होर्मुज जलडमरूमध्य) से रवाना हो चुके हैं।”
सिंह ने यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी के हस्तक्षेप के बाद वहां फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने में मदद मिली थी।
खाड़ी देशों से शनिवार तड़के एलपीजी लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे, जिससे युद्धग्रस्त और संकरे जलमार्ग से सुरक्षित रूप से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में शेष 22 जहाज प्रतीक्षा में हैं क्योंकि भारत सरकार क्षेत्र की सरकारों के साथ उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बातचीत कर रही है।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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