मुंबई, 11 मार्च (भाषा) मुंबई की एक सत्र अदालत ने गर्भपात की दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री के मामले में ‘अमेजन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ के दो निदेशकों के खिलाफ जारी नोटिस को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अमेजन केवल एक मंच है, विक्रेता नहीं। इसके साथ ही सत्र अदालत ने निचली अदालत के आदेश को ‘त्रुटिपूर्ण’ करार दिया।
अपर सत्र न्यायाधीश मुजीबुद्दीन शेख ने चार फरवरी के अपने आदेश में जो बुधवार को उपलब्ध हुआ, कहा कि मजिस्ट्रेट अदालत का आदेश ‘तर्कहीन, भारी त्रुटिपूर्ण और अस्पष्ट’ था, क्योंकि इसमें कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
अदालत ने कहा, ‘अमेजन विक्रेता नहीं बल्कि एक मंच है। अमेजन के साथ पंजीकृत ‘गुरुनानक एंटरप्राइजेज’ इस मंच पर दवाओं का वास्तविक विक्रेता है।’
अदालत ने पाया कि अमेजन का गुरुनानक एंटरप्राइजेज के साथ एक समझौता था, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि प्रतिबंधित दवाओं को बिक्री के लिए नहीं रखा जाना चाहिए।
अमेजन सेलर सर्विसेज के निदेशकों, के राघव राव और नूरुलमीन मोहम्मद साहेब ने मजिस्ट्रेट अदालत के उस नोटिस को चुनौती दी थी, जो औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के कथित उल्लंघन के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की शिकायत पर जारी किया गया था।
शिकायत के अनुसार, अमेजन मंच पर गर्भपात की दवाओं के लिए ऑर्डर दिया गया था, जहां कथित तौर पर चिकित्सक के पर्चे की मांग नहीं की गई और दवाएं पहुंचा दी गईं।
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