मुंबई, 11 मार्च (भाषा) स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को बड़ी गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 1,342 अंक का गोता लगा गया जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 अंक के नीचे आ गया। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कच्चे तेल के दाम में तेजी से शेयर बाजार में एक दिन की बढ़त के बाद गिरावट आई।
कारोबारियों ने कहा कि इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और प्रमुख बैंकों के शेयरों में बिकवाली दबाव से भी बाजार नुकसान में रहा।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,342.27 अंक यानी 1.72 प्रतिशत लुढ़क कर 76,863.71 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसमें 1,446.72 अंक तक की गिरावट आई थी।
बीएसई में सूचीबद्ध 2,380 शेयरों में गिरावट आई जबकि 1,881 शेयर लाभ में रहे। वहीं 153 शेयर के भाव अपरिवर्तित रहे।
पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 394.75 अंक यानी 1.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,866.85 अंक पर बंद हुआ।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है और उतार-चढ़ाव भी बढ़ा है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर बना हुआ है।’’
उन्होंन कहा, ‘‘कच्चे तेल की आपूर्ति में प्रभावित होने की आशंका, बढ़ती मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं निवेशकों को सतर्क बनाए हुए हैं। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली और रुपये में कमजोर रुख ने जोखिम लेने की प्रवृत्ति को और कम कर दिया है।’’
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा 5.01 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, ट्रेंट, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।
दूसरी तरफ केवल दो शेयर सन फार्मा और एनटीपीसी लाभ में रहे।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘पिछले सत्र में उछाल के बाद बाजार में फिर से गिरावट शुरू हो गई है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी और बैंक, वित्तीय सेवाओं और वाहन शेयरों में बिकवाली के चलते मानक सूचकांक पर दबाव रहा।’’
मझोली कंपनियों से संबंधित बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 1.55 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप 0.61 प्रतिशत के नुकसान में रहा
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि आने वाले समय में, बाजार में सतर्क रुख अपनाये जाने संभावना है क्योंकि निवेशकों को नए निवेश से पहले अमेरिकी और घरेलू मुद्रास्फीति के आंकड़ों और वृहद आर्थिक मोर्चे पर स्पष्ट संकेतों की प्रतीक्षा है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 5.76 प्रतिशत बढ़कर 92.86 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 4,672.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,333.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
एशिया के अन्य बाजारों में, जापान का निक्की, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट सकारात्मक दायरे में बंद हुए। जबकि हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुआ।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिका बाजार मंगलवार को स्थिर रुख के साथ बंद हुए थे।
सेंसेक्स मंगलवार को 639.82 अंक चढ़कर 78,205.98 अंक पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 233.55 अंक बढ़कर 24,261.60 अंक पर रहा था।
भाषा रमण अजय
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