भोपाल, नौ मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि देश में चीतों की संख्या का 50 के पार पहुंचना वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है और यह चीता पुनर्वास परियोजना की सफलता को दर्शाता है।
मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में नामीबिया से लाई गई मादा चीता ‘ज्वाला’ ने सोमवार को पांच शावकों को जन्म दिया। इसके साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसकी जानकारी दी।
यह घटनाक्रम कुछ दिन पहले चीता ‘गामिनी’ द्वारा केएनपी में चार शावकों को जन्म देने के बाद सामने आया है।
भूपेंद्र यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इस जन्म के साथ भारत में जन्मे और स्वस्थ शावकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। यह भारतीय भूमि पर चीतों के 10वें सफल शावक समूह का प्रजनन है। यह भारत की चीता संरक्षण यात्रा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।”
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इसे वन्यजीव संरक्षण के लिए गर्व का क्षण बताया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “कूनो राष्ट्रीय उद्यान से फिर अच्छी खबर आई है। चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया है, जो ‘प्रोजेक्ट चीता’ के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही भारत में चीतों की संख्या 50 के आंकड़े को पार करते हुए 53 हो गई है।
उन्होंने कहा कि यह भारत के चीता पुनर्वास प्रयासों की सफलता का मजबूत प्रमाण है।
चीता करीब सात दशक पहले भारत से विलुप्त हो गया था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़कर चीता स्थानांतरण परियोजना की शुरुआत की थी।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना देश में चीतों की आबादी को पुनर्स्थापित करने और क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
भाषा दिमो नरेश
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