ठाणे, नौ मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने 23 साल पहले एक मोटरसाइकिल दुर्घटना में जान गंवाने वाली एक महिला के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
इस संबंध में न्यायाधीश के. पी. श्रीखंडे ने पांच मार्च को आदेश पारित किया।
उन्होंने बीमा कंपनी तथा संबंधित ट्रक और मोटरसाइकिल के मालिकों को मार्च 2024 से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया।
अधिकरण ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने मामले को उपयुक्त रूप से आगे नहीं बढ़ाया, जिसके कारण काफी देरी हुई।
अधिकरण के आदेश की प्रति सोमवार को उपलब्ध हुई।
घटना में जान गंवाने वाली 24 वर्षीय पीड़िता की मां और बहन ने औपचारिक रूप से 2020 में एक याचिका दायर की थी।
पीड़िता सेरेना एम. परेरा 18 सितंबर 2003 को काशीमीरा में मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर एक मोटरसाइकिल पर पीछे बैठी हुई थी, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी। इससे सेरेना गिर गई और भारी वाहन के पहियों के नीचे आ गई, जिसके चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि मोटरसाइकिल ठाणे नगर परिवहन (टीएमटी) की बस और ट्रक के बीच आ गई थी। अधिकरण ने परिवहन प्राधिकरण के खिलाफ लगाये गए आरोप को खारिज कर दिया।
भाषा
प्रचेता सुभाष
सुभाष
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.