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Friday, 6 March, 2026
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मेटा ने सोशल मीडिया पाबंदी पर चेताया, असुरक्षित मंचों का रुख कर सकते हैं बच्चे

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नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) कर्नाटक में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की घोषणा के बीच प्रौद्योगिकी कंपनी मेटा ने शुक्रवार को कहा कि ऐसे प्रतिबंध लागू करने वाली सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नाबालिग उपयोगकर्ता असुरक्षित और अनियंत्रित मंचों का रुख न कर लें।

फेसबुक एवं व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया मंचों का संचालन करने वाली कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने एक बयान में कहा कि वह स्थानीय कानूनों का पालन करेगी, लेकिन केवल कुछ कंपनियों को निशाना बनाने से बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी।

अमेरिकी कंपनी ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह के “प्रतिबंध समान रूप से लागू होने चाहिए।”

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि राज्य में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग प्रतिबंधित किया जाएगा।

इसी तरह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी घोषणा की है कि राज्य में 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाई जाएगी।

मेटा ने अपने बयान में कहा कि वह भी युवाओं के लिए सुरक्षित और सकारात्मक ऑनलाइन अनुभव उपलब्ध कराने के पक्ष में है।

कंपनी ने कहा कि माता-पिता को यह अधिकार मिलना चाहिए कि वे अपने बच्चों के ऐप डाउनलोड को स्वीकृति दे सकें, और इसी कारण कंपनी ऐप-स्टोर स्तर पर माता-पिता की मंजूरी जैसी व्यवस्था लाने का समर्थन करती है।

कंपनी ने चेतावनी दी कि प्रतिबंध लागू करते समय सरकारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि किशोर उपयोगकर्ता असुरक्षित या बिना सुरक्षा वाले मंच की ओर न बढ़ें, जहां डिफॉल्ट सुरक्षा उपाय उपलब्ध न हों।

मेटा ने आंध्र प्रदेश सरकार के फैसले के संदर्भ में कहा कि उसकी नीतियों के तहत 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पहले से ही खाता बनाने की अनुमति नहीं है, लिहाजा यह प्रस्ताव उसकी मौजूदा नीति से मेल खाता है।

जनवरी में पेश केंद्र सरकार की आर्थिक समीक्षा में भी कहा गया था कि बच्चों को डिजिटल लत और हानिकारक सामग्री से बचाने के लिए उम्र-आधारित ऑनलाइन पहुंच पर विचार किया जाना चाहिए। इसमें मंचों को आयु सत्यापन और उपयुक्त डिफॉल्ट सेटिंग लागू करने के लिए जिम्मेदार बनाने की सिफारिश की गई थी।

वैश्विक स्तर पर भी ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों ने सोशल मीडिया पर आयु प्रतिबंध और माता-पिता की सहमति संबंधी सख्त नियम लागू या प्रस्तावित किए हैं। इंडोनेशिया भी 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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