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Sunday, 1 March, 2026
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दिल्ली पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के आरोप में 27 लोगों को गिरफ्तार किया

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नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक सप्ताह तक चले अखिल भारतीय अभियान के बाद 11 राज्यों से 1.5 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर धोखाधड़ी मामलों के सिलसिले में 27 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी कम से कम 10 बड़े साइबर धोखाधड़ी मामलों में शामिल थे, जिनकी कुल राशि 1.5 करोड़ रुपये से अधिक थी जबकि उनके संदिग्ध बैंक खातों की जांच से 13.91 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चला।

पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज की गई लगभग 150 शिकायतें आरोपियों द्वारा कथित तौर पर संचालित मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जुड़ी हुई हैं।

ये साइबर गिरोह निवेश धोखाधड़ी, एपीके फाइल धोखाधड़ी, सोशल मीडिया पर प्रतिरूपण, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, कार्य-आधारित धोखाधड़ी और वीजा संबंधी धोखाधड़ी में लिप्त थे।

पुलिस ने उन्हें ढूंढने और गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें गठित कीं और जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 11 राज्यों में एक साथ छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, इन गिरोहों ने फर्जी निवेश योजनाओं के माध्यम से लाभ का वादा करके पीड़ितों को लुभाया, बैंक अधिकारियों के रूप में दुर्भावनापूर्ण एपीके फाइलें भेजकर उपकरणों तक दूरस्थ पहुंच प्राप्त की और अधिकारियों का रूप धारण करने के लिए फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाए।

पुलिस ने बताया कि टास्क-आधारित धोखाधड़ी में, वे पीड़ितों को कमीशन का वादा करके ऑनलाइन कार्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित करते थे और उनसे बड़ी रकम ठग लेते थे।

गिरफ्तार किए गए लोगों में देहरादून का सुखप्रीत सिंह (38), दिल्ली का रमा शंकर राय (42), फरीदाबाद का दीपक (22), सहारनपुर का वंश वालिया (20), अमृतसर का चनप्रीत सिंह (38), नालंदा का अभिषेक (21) और कई अन्य लोग शामिल हैं।

इस अभियान के दौरान, पुलिस ने 25 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड, 20 बैंकिंग कार्ड, एक प्वाइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) मशीन, एक मोटरसाइकिल और धोखाधड़ी को अंजाम देने में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए विभिन्न आपत्तिजनक बैंक दस्तावेज और खाता किट बरामद किए।

पुलिस ने बताया कि इस अभियान से इसी तरह के अन्य मामलों को सुलझाने में भी मदद मिली।

अधिकारियों ने बताया कि अन्य पीड़ितों की पहचान करने और धन के स्रोत का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

भाषा तान्या नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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