कराची, एक मार्च (भाषा) पाकिस्तान ने भले ही अपना टी20 विश्व कप अभियान जीत के साथ खत्म किया हो लेकिन इस बड़े टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन से देश का क्रिकेट जगत बहुत निराश है।
पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने रविवार को कहा, ‘‘आपको अपने देश के क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन की छाप छोड़ने के लिए दो साल में एक मौका मिलता है और आप फिर से विफल हो जाते हैं। यह सब देखना बहुत निराशाजनक है। ’’
मियांदाद ने कहा कि ऊंची रैंकिंग वाली टीम के खिलाफ टीम का प्रदर्शन बहुत बड़ी चिंता की बात है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को अब कुछ बड़े फैसले लेने की जरूरत है।
पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि कुछ खिलाड़ियों को टी20 क्रिकेट में खुद को स्थापित करने के लिए बहुत ज्यादा मौके दिए गए और वे बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अब आगे बढ़ने और अपनी गलतियों से सीखने का समय है।’’
पूर्व कप्तान मोइन खान ने कहा कि जब तक पाकिस्तान ऊंची रैंकिंग वाली टीमों को नहीं हरा पाता, तब तक वह कभी भी आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाएगा।
उन्होंने दुख जताते हुए कहा, ‘‘आप कोई बड़ा टूर्नामेंट तब तक नहीं जीत सकते जब तक आपके पास शीर्ष टीमों को हराने की काबिलियत नहीं हो। बदकिस्मती से हमने चयन और मैदान पर बहुत सारी गलतियां की हैं। इससे भी जरूरी बात यह है कि हमारे मुख्य खिलाड़ी विश्व कप में अच्छा नहीं कर पाए। ’’
पूर्व कप्तान बाबर आजम, मौजूदा कप्तान सलमान अली आगा और शादाब खान, शाहीन शाह अफरीदी और मोहम्मद नवाज जैसे दूसरे सीनियर खिलाड़ियों की कड़ी आलोचना हो रही है।
आगा के घर लौटने के बाद उन्हें कप्तानी के पद से हटाने की उम्मीद है।
पाकिस्तान के कोच रह चुके सकलेन मुश्ताक को भी अपने दामाद शादाब के प्रदर्शन का दोष मुख्य कोच माइक हेसन पर डालकर उनका बचाव करने की कोशिश करने के लिए काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है।
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