इंदौर, 23 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश में इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) में घूम रही बिल्ली और उसके तीन बच्चों को पकड़कर चिड़ियाघर भेजा गया है। अस्पताल प्रबंधन के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार यह जानकारी दी।
एमवायएच में बिल्लियां नजर आने की घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले साल एमवायएच की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में चूहों के हमले के बाद दो नवजात बच्चियों की मौत हो गई थी।
एमवायएच को प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में गिना जाता है। यह अस्पताल शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध है।
महाविद्यालय के डीन (अधिष्ठाता) डॉ. अरविंद घनघोरिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,‘‘एमवायएच के अधीक्षक के मुताबिक बिल्ली और उसके तीन बच्चे छत के रास्ते से अस्पताल में दाखिल हुए थे। चारों जानवरों को पकड़कर शहर के चिड़ियाघर भेजा गया है।’’
उन्होंने कहा कि एमवायएच परिसर में पिंजरे रखे गए हैं और अस्पताल परिसर में कुत्ते-बिल्लियों के घुसने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि एमवायएच में बिल्लियों की चहलकदमी का वीडियो सामने आने से हुई फजीहत के बाद अस्पताल प्रशासन ने बृहस्पतिवार को एक ठेकेदार एजेंसी पर
50,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। इस एजेंसी के पास एमवायएच परिसर की स्वच्छता और सुरक्षा का जिम्मा है।
अधिकारियों का दावा है कि इस परिसर में बिल्लियों ने रोगियों और दवाओं को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया।
भाषा
हर्ष रवि कांत
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