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Tuesday, 24 February, 2026
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शुल्क पर अमेरिकी अदालत के फैसले से शेयर बाजार उत्साहित, सेंसेक्स 480 अंक चढ़ा

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(चार्ट के साथ)

मुंबई, 23 फरवरी (भाषा) अमेरिका में व्यापक शुल्क आदेश रद्द होने से उपजी सकारात्मक धारणा के बीच सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वाहन और वित्तीय शेयरों में लिवाली से घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 480 अंक चढ़ गया, जबकि निफ्टी में 142 अंक की तेजी दर्ज की गई।

विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय की तरफ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले साल जारी व्यापक शुल्क आदेशों को अवैध घोषित कर दिए जाने के बाद निवेशक धारणा में सुधार देखा गया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 479.95 अंक यानी 0.58 प्रतिशत चढ़कर 83,294.66 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 671.44 अंक चढ़कर 83,486.15 अंक तक पहुंच गया था।

वहीं, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी भी 141.75 अंक यानी 0.55 प्रतिशत बढ़कर 25,713 अंक पर बंद हुआ। दिन में एक समय यह 200.2 अंक चढ़कर 25,771.45 अंक तक चला गया था।

सेंसेक्स की कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स में सर्वाधिक 2.98 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावरग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा और लार्सन एंड टुब्रो में भी बढ़त रही।

दूसरी तरफ, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, ट्रेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज फिनसर्व, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, आईटीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटर्नल, टाटा स्टील और इंडिगो के शेयरों में गिरावट का रुख रहा।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिकी शीर्ष अदालत के फैसले का घरेलू बाजार ने स्वागत किया है। निवेशक अब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की संशोधित शुल्क रणनीति और अन्य देशों की तरफ से व्यापार समझौतों पर नए सिरे से बातचीत की संभावना को लेकर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।’’

नायर ने कहा कि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और 10-वर्षीय बॉन्ड के प्रतिफल में गिरावट से वैश्विक बाजारों में निकट अवधि में सतर्कता रह सकती है।

हालांकि, तेजी के इस माहौल में भी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से आईटी सूचकांक दबाव में बना रहा। आईटी कंपनियों पर कृत्रिम मेधा (एआई) से संभावित व्यवधान को लेकर चिंता हावी है।

व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.41 प्रतिशत की बढ़त में रहा जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप में 1.56 प्रतिशत की गिरावट आई।

क्षेत्रवार सूचकांकों में पीएसयू बैंक खंड में 1.4 प्रतिशत की तेजी रही जबकि सेवा खंड में 0.97 प्रतिशत, बिजली खंड में 0.72 प्रतिशत और वाहन खंड में 0.71 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘अमेरिकी शीर्ष अदालत के फैसले से कारोबारी धारणा में काफी सुधार देखा गया। हालांकि, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता की स्थिति कायम रहने और घरेलू संकेतकों के काफी हद तक स्थिर रहने से सूचकांक में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।’’

बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,435 शेयरों में तेजी दर्ज की गई जबकि 1,894 शेयरों में गिरावट रही और 168 अन्य अपरिवर्तित रहे।

एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग 2.53 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी करीब एक प्रतिशत चढ़ा, जबकि जापान और चीन के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे।

यूरोपीय बाजारों में जर्मनी का डैक्स सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था जबकि पेरिस और लंदन के सूचकांक सपाट रहे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71.49 डॉलर प्रति बैरल रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 934.61 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,637.15 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।

शुक्रवार को सेंसेक्स 316.57 अंक और निफ्टी 116.90 अंक चढ़कर बंद हुआ था।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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