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Thursday, 5 March, 2026
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डेरा सच्चा सौदा का ‘रे ऑफ होप’ कैंपेन, राम रहीम को बताया विधवाओं का मसीहा

‘रे ऑफ होप’ कैंपेन गुरमीत राम रहीम सिंह की पैरोल खत्म होने से कुछ दिन पहले आया है. उसे 5 जनवरी को जेल से रिहा किया गया था.

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नई दिल्ली: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की 40 दिन की पैरोल अब खत्म होने वाली है. इसी बीच सोशल मीडिया पर संगठन की विधवा पुनर्विवाह पहल को लेकर पोस्टों की बाढ़ आ गई है. इन पोस्टों में इसे ‘उम्मीद की किरण’ बताया जा रहा है, जो महिलाओं को सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद कर रही है.

यह संगठित सोशल मीडिया कैंपेन मंगलवार को एक्स पर सामने आया, जब ‘#RayOfHope’ प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड करने लगा. कई पोस्टों में एक जैसी भाषा, फोटो एडिटिंग स्टाइल और टेम्पलेट दिखे. इन पोस्टों में इस पहल को महिलाओं को “सुरक्षा और स्थिरता” देने और “सम्मान और समर्थन के साथ उन्हें आत्मविश्वास से जीवन दोबारा शुरू करने में मदद” करने का तरीका बताया गया.

सिंह को 2017 में बलात्कार के आरोप में पहली बार जेल भेजा गया था. उसे हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स एक्ट के तहत 5 जनवरी को रिहा किया गया. 16 जनवरी को उसने एक नया गाना ‘मेरा पीर अरियो’ जारी किया.

गिरफ्तारी के बाद से सिंह को यह 15वीं बार पैरोल मिली है और वह 400 दिनों से ज्यादा समय जेल के बाहर बिता चुका है.

‘उम्मीद की किरण’

एक्स पर समर्थकों ने नए शादीशुदा जोड़ों की तस्वीरें और उन महिलाओं के बयान साझा किए, जिनकी शादी हाल ही में संगठन की कोशिशों से हुई है. पोस्ट हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में हैं.

मोनिका मित्तल ने एक्स पर लिखा: “आज के समय में कुछ लोग विधवा पुनर्विवाह का समर्थन नहीं करते. संत गुरमीत राम रहीम जी ने विधवाओं के लिए ‘न्यू लाइट ऑफ होप’ नाम से एक कल्याणकारी काम शुरू किया है. गुरु जी उनके परिवारों को विधवा महिलाओं की शादी के लिए प्रोत्साहित करते हैं और उनके जीवन में नई #RayOfHope लाते हैं.”

साक्षी सोनी ने लिखा: “विधवा पुनर्विवाह दान नहीं, सशक्तिकरण है. संत गुरमीत राम रहीम जी की न्यू लाइट ऑफ होप महिलाओं को खुशी का दूसरा मौका देकर उनकी ज़िंदगी बदल रही है. #RayOfHope”

इस अभियान में सिंह को महिलाओं का रक्षक और मसीहा दिखाया गया है.

एक एक्स यूज़र ने लिखा: “प्राचीन समय से विधवाओं का जीवन कठिन रहा है. उन्हें भेदभाव और मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. संत गुरमीत राम रहीम जी ने ‘न्यू लाइट ऑफ होप’ पहल के ज़रिए सोच बदली और विधवाओं की सहमति से पुनर्विवाह को प्रोत्साहित किया, जिससे #RayOfHope जगी.”

इनमें से ज्यादातर अकाउंट्स में महिलाओं की प्रोफाइल फोटो लगी है और ये बॉट अकाउंट्स की तरह काम करते हैं, जो सिर्फ सिंह से जुड़ा कंटेंट ही शेयर करते हैं.

इन पोस्टों में मानसिक स्वास्थ्य, सेहत से जुड़े टिप्स और ‘मंडे मोटिवेशन कोट्स’ भी शामिल हैं. इनमें डेरा सच्चा सौदा की पहलों के लिंक दिए गए हैं और दावा किया गया है कि सिंह “बहादुर और समर्पित योद्धा” हैं.

हरियाणा सरकार का कहना है कि पैरोल राज्य के कानून के तहत एक कानूनी अधिकार है, लेकिन सिंह को बार-बार जेल से रिहा किए जाने पर कानूनी विशेषज्ञों, नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आलोचना की है. उनका कहना है कि बार-बार पैरोल मिलने से न्याय प्रक्रिया कमजोर होती है.

4 जनवरी को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्हें इस मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है.

उन्होंने कहा, “यह अदालत का मामला है. मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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