कोच्चि, 11 फरवरी (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने पिछले साल आयोजित ‘ग्लोबल अयप्पा संगम’ की ऑडिट रिपोर्ट में कई मुद्दों और ‘गंभीर विसंगतियों’ पर गौर करते हुए बुधवार को त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) को इसके कारणों को स्पष्ट करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति के वी जयकुमार की पीठ ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में भक्तों और प्रतिभागियों को दिए गए ‘अरवना’, अप्पम, विभूति, कुमकुम और चंदन जैसी कुछ वस्तुओं के कीमत के बारे में बही खाते में उल्लेख नहीं किया गया है।
अदालत ने निर्देश दिया कि मामले में केरल राज्य लेखा परीक्षा विभाग और टीडीबी से संबंधित जानकारियां प्राप्त किए जाएं ताकि उचित आदेश जारी किए जा सकें। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी के लिए सूचीबद्ध की गई है।
ग्लोबल अय्यप्पा संगम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए अदालत के निर्देशानुसार ऑडिट रिपोर्ट को अदालत के समक्ष रखा गया था।
रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद पीठ ने कहा कि इसमें कई मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है। इनमें एक मुख्य मुद्दा यह था कि काम ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन’ (आईआईआईसी) को बिना किसी निविदा या बोली प्रक्रिया के सौंपा गया, जिसमें व्यय के अलावा कुल खर्च पर 10 प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क भी शामिल था।
पीठ ने यह देखा कि लकड़ी के फ्रेम वाली सेंटर टेबल, कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में भोजन परोसने के शुल्क और लागत सहित व्यय के अनुमानित बिल में भी गंभीर असंगतियां थीं।
अदालत ने कहा, ‘जीएसटी इनपुट क्रेडिट के संबंध में भी मुद्दे हैं।’
पीठ की टिप्पणियां और निर्देश अदालत द्वारा स्वत: संज्ञान ली गयी एक याचिका पर आए, जो ऑडिट रिपोर्ट पर आधारित थी।
भाषा
प्रचेता गोला
गोला
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
