(राजेश राय)
नूरेमबर्ग, दस फरवरी (भाषा) वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को यहां कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वास्तव में सभी समझौतों में सबसे बड़ा है, क्योंकि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लगभग एक-चौथाई हिस्से को एक साथ लाता है।
उन्होंने ‘बायोफैक शो 2026’ के उद्घाटन समारोह में कहा कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के लिए बहुत अधिक पूरक साबित होते हैं। आज की दुनिया में जहां वैश्विक व्यापार में बहुत अधिक उथल-पुथल और चुनौतियां हैं, यह तालमेल अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अग्रवाल यूरोपीय संघ के संदर्भ में कहा, ”आप एक बुजुर्ग होती आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, हम एक युवा आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। आप सामान का प्रतिनिधित्व करते हैं, हम मांग का प्रतिनिधित्व करते हैं। आप तकनीक का प्रतिनिधित्व करते हैं, हम प्रतिभा का प्रतिनिधित्व करते हैं।”
इस चार दिवसीय प्रदर्शनी में भारत के लगभग 20 राज्यों के 100 से अधिक प्रदर्शक जैविक उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
अग्रवाल ने कहा, ”ये क्षमताएं वास्तव में एक साथ आ सकती हैं, और इस एफटीए के जरिये यही करने की कोशिश की जा रही है। मुझे लगता है कि हम ऐसी वैश्विक मूल्य श्रृंखलाएं बनाने की कोशिश कर सकते हैं, जो दुनिया भर में प्रतिस्पर्धी हों और न सिर्फ भारत एवं यूरोपीय संघ के बाजारों की सेवा करें, बल्कि दुनिया के एक बड़े हिस्से की भी सेवा कर सकें।”
भारत और 27 देशों के संगठन यूरोपीय संघ (ईयू) ने 27 जनवरी को मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी। सचिव ने कहा, ”हम अगले एक साल में इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे और इसे चालू करेंगे। हमारे नेताओं ने इस समझौते को ‘सभी समझौतों में सबसे बड़ा’ कहा है। यह कोई राजनीतिक बयान नहीं है। यह वास्तव में ऐसा ही है, क्योंकि यह समझौता दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है।”
भाषा पाण्डेय रमण
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