नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति और पुनर्वास की दिशा में एक अहम सफलता दर्ज की गई है. बीजापुर जिले में 30 और सुकमा जिले में 21 माओवादी कैडरों ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” के तहत आत्मसमर्पण किया है. इन सभी कैडरों पर कुल 1.61 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हथियार छोड़कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताना यह दर्शाता है कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी विकास ही किसी क्षेत्र के स्थायी भविष्य की बुनियाद होते हैं. उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों का ठोस परिणाम है.
पिछले दो वर्षों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से दूरस्थ इलाकों में बदलाव आया है. सरकार आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए हर जरूरी सहयोग देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से बस्तर भय से निकलकर विकास और नए अवसरों की ओर बढ़ रहा है.
