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Friday, 20 March, 2026
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इंडियन ऑयल का दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ चार गुना होकर 12,126 करोड़ रुपये पर

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नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ चार गुना से अधिक होकर 12,125.86 करोड़ रुपये हो गया।

आलोच्य तिमाही में रिफाइनिंग और विपणन मार्जिन में सुधार ने कंपनी के पेट्रोरसायन कारोबार में आई कमजोरी के असर को संतुलित कर दिया।

आईओसी ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसका एकल आधार पर शुद्ध लाभ 12,125.86 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 2,873.53 करोड़ रुपये था।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से रिफाइनिंग मार्जिन में तेज सुधार हुआ। इसी दौरान ईंधन बिक्री में भी पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

आईओसी ने तिमाही आंकड़े साझा न करते हुए कहा कि अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान कच्चे तेल को ईंधन में बदलने पर उसे प्रति बैरल औसतन 8.41 डॉलर की आय हुई, जबकि एक साल पहले यह 3.69 डॉलर प्रति बैरल थी।

घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) को सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर बेचने वाली कंपनी ने कहा कि बीती तिमाही में 2,414.34 करोड़ रुपये की सब्सिडी आय दर्ज हुई है।

सरकार ने अक्टूबर, 2025 में एलपीजी को बाजार मूल्य से कम दर पर बेचने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए आईओसी और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को एकमुश्त मुआवजा देने को मंजूरी दी थी।

आईओसी के लिए कुल 14,486 करोड़ रुपये की सब्सिडी 12 समान मासिक किस्तों में नवंबर, 2025 से देने को स्वीकृत की गई थी। कंपनी ने कहा कि नवंबर और दिसंबर, 2025 की 2,414.34 करोड़ रुपये की किस्तों को परिचालन राजस्व के रूप में दर्ज किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि राशि वास्तव में प्राप्त हुई है या नहीं।

आलोच्य तिमाही में ईंधन बिक्री बढ़कर 2.60 करोड़ टन रही, जो एक साल पहले की समान अवधि में 2.48 करोड़ टन थी।

इस दौरान आईओसी का परिचालन राजस्व 2.31 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2.16 लाख करोड़ रुपये था।

ईंधन बिक्री से कर-पूर्व आय चार गुना बढ़कर 16,836.08 करोड़ रुपये हो गई। गैस कारोबार से आय 34 प्रतिशत बढ़कर 596.45 करोड़ रुपये रही। लेकिन पेट्रोरसायन कारोबार में घाटा बढ़कर 361.51 करोड़ रुपये हो गया।

चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर 2025) में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 25,424.91 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 5,696.72 करोड़ रुपये था।

आईओसी ने विवरण न देते हुए कहा, ‘‘शुद्ध लाभ में सुधार मुख्य रूप से उच्च रिफाइनिंग और विपणन मार्जिन के कारण हुआ है।’’

आईओसी और सार्वजनिक क्षेत्र की अन्य पेट्रोलियम कंपनियों बीपीसीएल एवं एचपीसीएल ने मई, 2022 के बाद लागत के अनुरूप पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में संशोधन नहीं किया है।

मार्च, 2024 में आम चुनाव से पहले दो रुपये प्रति लीटर की कटौती को छोड़ दें तो पेट्रोल-डीजल की खुदरा दरें स्थिर बनी हुई हैं। इस दौरान कच्चे तेल के दाम नरम रहने से इन कंपनियों के मुनाफे में तेज बढ़ोतरी हुई है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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