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Thursday, 5 March, 2026
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वाईएसआरसीपी नेता अंबाती रामबाबू 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

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गुंटूर (आंध्र प्रदेश), दो फरवरी (भाषा) गुंटूर जिले की एक अदालत ने युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) नेता अंबाती रामबाबू को सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, रामबाबू को शनिवार को गुंटूर जिले में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तारी के बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

स्थानीय समाचार चैनलों पर प्रसारित दृश्यों के मुताबिक, शनिवार दोपहर से देर रात तक गुंटूर की सड़कों और रामबाबू के आवास पर भारी हंगामा देखा गया। इस दौरान तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर विपक्षी नेता के आवास और वाहनों में तोड़फोड़ करते देखा गया।

पुलिस ने बताया कि रामबाबू को रविवार देर रात राजामुंद्री केंद्रीय कारागार ले जाया गया और रविवार आधी रात करीब साढ़े 12 बजे औपचारिक रूप से जेल अधिकारियों को सौंप दिया गया।

पुलिस के अनुसार, मामले शनिवार को गोरंटला के ‘चिलीज सेंटर’ में हुई घटनाओं से जुड़े हैं, जहां रामबाबू पर यातायात ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर रोकने और एनटीआर की प्रतिमा के पास लगे तेदेपा के बैनर को हटाने को लेकर हुए विवाद में शामिल होने का आरोप है।

इसके अलावा, तेदेपा के एक स्थानीय नेता की शिकायत पर एक अलग मामला दर्ज किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि रामबाबू ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान और बाद में मुख्यमंत्री के खिलाफ धमकी दी, अपशब्दों का इस्तेमाल किया और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

पुलिस ने बताया कि रामबाबू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2) और 132 के तहत लोक सेवकों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

वहीं, कथित धमकियों, अपशब्दों और अपमानजनक टिप्पणियों के संबंध में बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं में एक अलग मामला दर्ज किया गया है।

इस बीच, वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि रामबाबू को राजनीतिक द्वेष में निशाना बनाया जा रहा है और इन घटनाओं के बाद उनकी जान को गंभीर खतरा है।

वहीं, सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई का बचाव किया।

भाषा खारी नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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