scorecardresearch
Monday, 2 March, 2026
होमदेशमहाराष्ट्र मंत्री की चेतावनी: जिला परिषद चुनाव में शिवसेना (उबाठा) जीती तो निधि में कटौती संभव

महाराष्ट्र मंत्री की चेतावनी: जिला परिषद चुनाव में शिवसेना (उबाठा) जीती तो निधि में कटौती संभव

Text Size:

मुंबई, दो फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नीतेश राणे ने विपक्षी शिवसेना (उबाठा) पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आगामी जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव में विपक्षी पार्टी के उम्मीदवार जीतते हैं, तो उनके क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए मिलने वाला फंड रोका जाएगा।

राज्य में सात फरवरी को 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए चुनाव होंगे और मतों की गिनती नौ फरवरी को होगी।

राणे ने सिंधुदुर्ग जिले के कंकावली के फोंडा निर्वाचन क्षेत्र में रविवार को एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं चुनाव चिह्न देखकर ही धनराशि जारी करता हूं। अगर मुझे कमल या धनुष-बाण (भाजपा और शिवसेना के चुनाव चिह्न) दिखाई देते हैं, तो धनराशि तुरंत स्वीकृत कर दी जाती है, लेकिन अगर गलती से भी जलती हुई मशाल का चुनाव चिह्न दिखाई देता है, तो मैं पहले से स्वीकृत धनराशि में भी कटौती कर सकता हूं।’’

जलती हुई मशाल शिवसेना (उबाठा) का चुनाव चिह्न है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राणे, गठबंधन सहयोगी शिवसेना के उम्मीदवार के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि यह रुख ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान भी अपनाया गया था।

राणे ने कहा, ‘‘हमने सभी सरपंचों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी थी कि वे अपनी ग्राम पंचायतें हमें सौंप दें, अन्यथा उन्हें एक रुपया भी नहीं मिलेगा। परिणामस्वरूप, सभी सरपंच तुरंत हमारे पक्ष में आ गए।’’

भाजपा नेता ने कहा कि जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव एकतरफा हो रहे हैं तथा मतदाता प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों का समर्थन करने की आवश्यकता पर भी सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्थानीय चुनाव उनके सांसद पिता नारायण राणे के नेतृत्व में लड़े जा रहे हैं। भाजपा के मंत्री ने विश्वास जताया कि अगले पांच वर्षों तक जिला उनके नेतृत्व में ही रहेगा।

मंत्री ने कहा कि भाजपा, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) को लेकर ‘चिंतित नहीं’ है। उन्होंने दावा किया कि उसके उम्मीदवार चुनाव प्रचार के दौरान मुश्किल से ही दिखाई दिए और कुछ तो ‘छिपे हुए’ थे।

राणे ने कहा, ‘‘चुनाव के बाद, उन्हें धन के लिए फिर से हमारे पास आना पड़ेगा।’’

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments