वायनाड (केरल), दो फरवरी (भाषा) कांग्रेस नेता एवं सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने कुंडुवडियन समुदाय को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दिए जाने की मांग एक बार फिर उठाते हुए केरल के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा है।
प्रियंका के कार्यालय ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि 27 अक्टूबर, 2025 को किए गए पहले के अनुरोध पर कोई अनुकूल फैसला नहीं किए जाने के बाद सांसद ने मंत्री ओ. आर. केलू को यह पत्र भेजा।
पत्र में प्रियंका ने मांग की है कि फिलहाल अन्य पात्र समुदाय (ओईसी) श्रेणी में सूचीबद्ध कुंडुवडियन समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि 500 से अधिक आबादी वाला यह समुदाय ऐतिहासिक रूप से गंभीर भेदभाव का सामना करता रहा है और इसे बंधुआ एवं जबरन मजदूरी के लिए मजबूर किया जाता रहा है।
उन्होंने कहा कि कुंडुवडियन समुदाय की अपनी अलग भाषा एवं संस्कृति है और यह अलग-थलग रहकर जीवनयापन करता है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि इससे पहले भी, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) की महासचिव ने मंत्री को शिक्षा और अन्य अवसरों तक पहुंच में समुदाय को होने वाली दिक्कतों के बारे में बताया था।
प्रियंका ने कहा कि अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं होने के कारण यह समुदाय सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से हाशिये पर है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और नीति आयोग के लिए केरल के अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास अध्ययन संस्थान द्वारा किए गए एक अध्ययन में कुंडुवडियन समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने की सिफारिश की गई थी।
उन्होंने कहा कि कुंडुवडियन समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने से उसे उल्लेखनीय लाभ होगा और इसके सदस्यों को लंबे समय से झेलनी पड़ रही सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।
भाषा
सिम्मी गोला
गोला
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