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Sunday, 1 March, 2026
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केंद्रीय बजट 2026-27 में कृषि क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया: एआईकेएस

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नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) ने रविवार को केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कृषि क्षेत्र को काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया।

एआईकेएस ने यहां जारी एक बयान में कहा, ‘‘वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कृषि को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया; छोटे और सीमांत किसानों का जिक्र सिर्फ एक बार किया गया, जबकि ग्रामीण श्रम का तो बिल्कुल भी उल्लेख नहीं हुआ। बजट के आंकड़े इस उपेक्षा को दर्शाते हैं।’’

इसमें कहा गया है कि कृषि क्षेत्र में मौजूदा गतिरोध को देखते हुए, यह उम्मीद थी कि केंद्रीय बजट 2026-27 में कुछ राहत मिलेगी।

इसमें कहा गया है, ‘‘लेकिन बजट ने एक बार फिर निराश किया है।’’

बयान में कहा गया है, ‘‘कृषि अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए कोई अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के मामले में बजट विफल रहा है। वित्त मंत्री द्वारा कृषि उत्पादकता बढ़ाने को कर्तव्य बताने के बावजूद, कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के लिए बजटीय आवंटन को संशोधित अनुमान (आरई) 2025-26 के 10,281 करोड़ रुपये से घटाकर 9,967 करोड़ रुपये (बीई 2026-27) कर दिया गया।’’

इसमें कहा गया है कि बजट भाषण में नारियल, कोको, काजू, मेवे और चंदन पर विशेष जोर दिया गया। हालांकि, वास्तविकता में, कपास प्रौद्योगिकी मिशन, दलहन मिशन और मखाना बोर्ड जैसे मिशन, जो पहले शुरू किए गए थे, बजटीय आंकड़ों में उनका कोई उल्लेख नहीं है।

एआईकेएस ने यह भी कहा कि बजट भाषण में मनरेगा योजना या यहां तक ​​कि हाल में पारित ‘वीबी-जी राम जी’ योजना का कोई उल्लेख नहीं था, जो ग्रामीण रोजगार के महत्व की पूर्ण उपेक्षा को दर्शाता है।

इसमें आगे कहा गया है कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में, केवल पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के लिए ही महत्वपूर्ण बजटीय आवंटन किया गया है, जो 5,303 करोड़ रुपये (आरई 2025-26) से बढ़कर 6,135 करोड़ रुपये हो गया है।

एआईकेएस ने किसानों, ग्रामीण श्रमिकों और आम जनता से तीन फरवरी या उसके बाद किसी भी दिन गांवों और तहसीलों में बजट की प्रतियां जलाकर इसके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया।

इसने सभी से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि 12 फरवरी को होने वाली आम हड़ताल सफल रहे।

भाषा देवेंद्र नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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