नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) पद्म श्री से सम्मानित और प्रमुख कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार वैद्य ने रविवार को सरकार द्वारा कैंसर से संबंधित 17 दवाओं पर सीमा शुल्क हटाने के फैसले को ‘अभूतपूर्व’ कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे उपचार की उच्च लागत से परेशान मरीजों और उनके परिवारों को काफी राहत मिलेगी।
डॉ. वैद्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘कैंसर के उपचार को दो या तीन भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है, और इन सबमें सबसे बड़ा भाग दवाओं की कीमत है। कैंसर का इलाज एक बार का उपचार नहीं है बल्कि यह एक लंबी प्रक्रिया है।’’
उन्होंने कहा कि कैंसर को अब एक दीर्घकालिक बीमारी की तरह माना जा रहा है।
डॉ.वैद्य ने कहा, ‘‘जिस प्रकार मधुमेह या उच्च रक्तचाप के रोगी लंबे समय तक दवा लेते हैं, उसी प्रकार कैंसर रोगियों को भी अब लंबे समय तक दवा की आवश्यकता होती है। नई दवाएं कैंसर की गंभीर अवस्था में भी कारगर हो रही हैं, लेकिन इसके लिए लंबे समय तक इनका सेवन करना पड़ता है। इसलिए, उपचार की लागत रोगी और परिवार के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण कारक बन जाती है।’’
उन्होंने सीमा शुल्क में कटौती को एक अहम नीतिगत कदम करार देते हुए कहा, ‘‘जहां तक मुझे समझ आता है, इस फैसले से 17 कैंसर की दवाएं प्रभावित होंगी, जो अभूतपूर्व है। ऐसा कदम अब तक किसी भी बजट में नहीं उठाया गया है। यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय है।’
डॉ.वैद्य ने कहा कि यह संभव है कि महंगी आयातित कैंसर की दवाएं सस्ती हो जाएंगी।
भाषा धीरज प्रशांत
प्रशांत
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
