नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) तथा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की भागीदारी वाले विशेष बलों के संयुक्त आवंटन में केंद्रीय बजट में लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की रक्षा करने वाली भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के आवंटन में सबसे अधिक 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें आईटीबीपी के लिए 11,324.08 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले वर्ष के संशोधित आवंटन 9,868.85 करोड़ रुपये से अधिक है।
देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक संगठन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को 38,517.93 करोड़ रुपये की निधि आवंटित की गई, जो 2025-26 के लिए संशोधित बजट आवंटन 37,251.48 करोड़ रुपये से 3.39 प्रतिशत अधिक है।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), जो मुख्य रूप से पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी भारत की 6,000 किलोमीटर से अधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करता है, को 29,567.64 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के आंकड़ों के लगभग समान हैं।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को बजट में 15,622.01 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि पिछली बार 15,973.85 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
नेपाल और भूटान के साथ भारत की खुली सीमाओं की रक्षा करने वाले सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को बजट में 10,984.51 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह राशि 10,495.67 करोड़ रुपये थी।
मुख्य रूप से भारत-म्यामां सीमा पर तैनात असम राइफल्स को 8,796.68 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह राशि 8,376.01 करोड़ रुपये थी।
आतंकवाद-रोधी कमांडो बल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के लिए 1,422.47 करोड़ रुपये का आवंटन पिछले वर्ष के संशोधित बजट अनुदान में दिए गए 1,266.01 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक है।
एनडीआरएफ के लिए बजट 2026-27 में 2,002.14 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले बजट में इसके लिए 1,928.32 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था।
सीएपीएफ और केंद्रीय पुलिस संगठनों की भवन परियोजनाओं के लिए आवंटित धनराशि में पिछले वित्तीय वर्ष के संशोधित बजट अनुमान में आवंटित 3,508.22 करोड़ रुपये की तुलना में 43 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई और यह बढ़कर 5,040.87 करोड़ रुपये हो गई है।
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