scorecardresearch
Thursday, 5 March, 2026
होमदेशएसआर के दौरान जिन्हें नोटिस दिए गए हैं उन्हें अधिकारियों के समक्ष पेश होना चाहिए: असम के मुख्यमंत्री

एसआर के दौरान जिन्हें नोटिस दिए गए हैं उन्हें अधिकारियों के समक्ष पेश होना चाहिए: असम के मुख्यमंत्री

Text Size:

गोवालपारा (असम), एक फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि राज्य में मतदाता सूचियों के जारी विशेष पुनरीक्षण (एसआर) के दौरान जिन नागरिकों को नोटिस दिए गए हैं, उन्हें बिना कोई हंगामा किये अधिकारियों के सामने पेश होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि फॉर्म 7 के माध्यम से उनके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज की जाती है तो वह भी चुनाव अधिकारियों के सामने अपने दस्तावेज/प्रमाण प्रस्तुत करेंगे।

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि एसआर प्रक्रिया का इस्तेमाल ‘भाजपा एजेंटों’ द्वारा वास्तविक नागरिकों (जिनमें ज्यादातर धार्मिक अल्पसंख्यक शामिल हैं) को परेशान करने के लिए किया जा रहा है और फॉर्म सात का उपयोग वास्तविक मतदाताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए किया जा रहा है।

शर्मा ने गोवालपारा जिले में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘एसआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है। अगर नोटिस जारी किया जाता है तो कोई भी जाकर कह सकता है कि वह भारतीय है। मामला यहीं खत्म हो जाता है। इसमें रोने की क्या बात है?’

शर्मा ने जोर देकर कहा कि यदि कोई उनके खिलाफ फॉर्म सात के माध्यम से शिकायत दर्ज कराता है तो वह भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष सुनवाई के लिए उपस्थित होंगे।

उन्होंने कहा, ‘हम राजा या सम्राट नहीं हैं। लोकतंत्र में सभी समान हैं।’

मुख्यमंत्री ने एसआर प्रक्रिया के दौरान नोटिस मिलने के बाद मीडिया से संपर्क करने वाले लोगों को भी फटकार लगाई।

शर्मा ने नोटिस मिलने को ‘अपमान’ बता रहे उन लोगों के एक वर्ग को खारिज करते हुए कहा, ‘उन्हें नोटिस अपनी जेब में रखकर अधिकारियों के पास जाकर अपने नाम के बारे में पता कर लेना चाहिए था। अगर उन्होंने इसे पत्रकारों को न दिखाया होता तो किसी को भी इसके बारे में पता नहीं चलता।’

फॉर्म सात का उपयोग करके कोई व्यक्ति तीन कारणों में से किसी एक के लिए अपना नाम हटाने का अनुरोध कर सकता है। ये तीन कारण हैं- स्थायी रूप से स्थानांतरित होना, पहले से नामांकित होना या भारतीय नागरिक न होना।

भाषा

शुभम प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments