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Sunday, 1 March, 2026
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जम्मू-कश्मीर की विकास जरूरतों के मुकाबले बजट आवंटन अपर्याप्त: मंत्री

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श्रीनगर/जम्मू, एक फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर नेताओं की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ने संकेत दिया कि यह केंद्र शासित प्रदेश की अपेक्षाओं को पूरा करने में विफल रहा, जबकि कुछ ने इसे गरीब-समर्थक, सुधार-उन्मुख और भविष्य की तैयारी करने वाला बजट करार दिया।

जम्मू-कश्मीर के मंत्री सतीश शर्मा ने केंद्र शासित प्रदेश को आवंटित धनराशि पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ के समान और विकास कार्य के लिए अपर्याप्त है।

शर्मा ने जम्मू में कहा, “यह मामूली रकम है। अगर केंद्र सरकार वास्तव में जम्मू-कश्मीर के लोगों की मदद करना चाहती है, तो उसे कम से कम 50,000 करोड़ रुपये का पैकेज देना चाहिए।’’

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव गुलाम अहमद मीर ने भी कहा कि बजट में जम्मू-कश्मीर के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है।

अनंतनाग जिले के दोरू से विधायक मीर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “अगर आप देखें तो जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इस बजट में रोजगार सृजन के लिए किसी पैकेज या बड़ी बिजली परियोजना का कोई प्रावधान नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘रेल परियोजना, सड़क परियोजनाएं, सुरंगें, एम्स और आईआईएम सभी संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के कार्यकाल में शुरू किए गए थे। इस सरकार ने पिछले 10 वर्षों में कोई ठोस काम नहीं किया है।’’

इस बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसे व्यावहारिक बजट बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कुछ ही वर्षों में 5000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के मील के पत्थर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करेगा और एक व्यापक राजकोषीय रणनीति अपनाएगा जो विकास की महत्वाकांक्षा को सामाजिक कल्याण के साथ संतुलित करेगी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)नेता अल्ताफ ठाकुर ने भी बजट का स्वागत करते हुए इसे गरीब हितैषी, सुधारवादी और दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट शासन और कराधान को सरल बनाते हुए आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करता है।

ठाकुर ने एक बयान में कहा, “एक अप्रैल, 2026 से नए आयकर अधिनियम का लागू होना एक सरल, पारदर्शी और करदाता-हितैषी व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।”

भाषा धीरज प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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