चेन्नई, 26 जनवरी (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोमवार को कहा कि गणतंत्र दिवस को एकरूप भारत के बजाय एकजुट भारत के रूप में मनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश ऐसा होना चाहिए जहां संस्कृतियां एक-दूसरे को समृद्ध करें और भाषाएं गर्व के साथ सह-अस्तित्व में रहें।
केंद्र की भाजपा सरकार पर परोक्ष निशाना साधते हुए स्टालिन ने कहा, “आइए, एकजुट भारत का उत्सव मनाएं, एकरूप भारत का नहीं।”
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि भारत की पहचान उसकी “अनेक आवाज़ों” और विविध पहचानों से बनी है। उन्होंने कहा, “भारत तब आगे बढ़ता है जब हर नागरिक गरिमा, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता के साथ जीवन जी सके।”
स्टालिन ने कहा कि देश की ताकत कभी समानता में नहीं रही, बल्कि उसकी विविधता में रही है। “हमें ऐसा देश बने रहना चाहिए जहां संस्कृतियां एक-दूसरे को समृद्ध करें, भाषाएं गर्व के साथ सह-अस्तित्व में रहें और आस्था एक व्यक्तिगत सत्य हो। हमारी शक्ति कभी एकरूपता नहीं रही, बल्कि हमारी अनेकता रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विविधता की रक्षा की जाती है, तो अपनापन स्वाभाविक लगता है और भविष्य सभी के लिए समान रूप से खुला रहता है। उन्होंने कहा, “हैप्पी रिपब्लिक डे, बहुलतावादी और गर्वित भारत।”
स्टालिन ने कहा, “आइए, हम साथ मिलकर जीतें (वेल्वोम ओंद्रागा)। तमिलनाडु की समृद्धि की यात्रा में हम किसी को पीछे नहीं छोड़ेंगे।”
भाषा मनीषा अविनाश
अविनाश
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