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Monday, 26 January, 2026
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इमरान हाशमी फैन क्लब की दुनिया: अब न तो फुसफुसाहटें हैं, न ही छुपकर जीना

इमरान हाशमी को पसंद करना अब कोई छिपा हुआ शौक नहीं रहा. महिलाओं समेत उनके बहुत सारे छिपे हुए फैंस अब गर्व से खुद को 'इमरानियन' बता रहे हैं.

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मुंबई: पाली हिल में रेशमा अपार्टमेंट्स के बाहर एक समूह नारे लगा रहा है, “आखा बॉलीवुड एक तरफ, इमरान हाशमी एक तरफ.” गार्ड्स और राहगीरों की मुस्कान की परवाह किए बिना वे छठी मंजिल की ओर लगातार देखते रहते हैं, इस उम्मीद में कि अपने स्टार भगवान की एक झलक मिल जाए, जिसका समय एक बार फिर आ गया है. आखिरकार.

इन्हीं में से एक हैं दीपक गोहिल, जो अपनी तीन महीने की बेटी के साथ नालासोपारा से यहां आए हैं. वह इस जगह को प्यार से अपना “मंदिर” कहते हैं.

इमरान हाशमी के फैन क्लब सालों से चुपचाप मौजूद रहे हैं. उनके पास शाहरुख खान या रजनीकांत के फैन क्लब जैसी सोशल मीडिया ताकत नहीं थी. उनका स्टार भी करीब एक दशक तक लगभग गुमनामी में रहा, हालांकि उसकी अपील उनके दिमाग में हमेशा दर्ज रही. अब बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड, हक़, ग्राउंड ज़ीरो, दे कॉल हिम ओजी, टाइगर 3 और तस्कर के बाद दुनिया जान गई है, जो फैन क्लब पहले से जानते थे. वह सबसे अलग हैं.

गोहिल ने दिप्रिंट से कहा, “एम्मी जान ने मुझे प्यार करना सिखाया, काम और निजी जीवन में संतुलन सिखाया और एक अच्छा पिता बनना सिखाया. मैं चाहता हूं कि मेरी बेटी इमरान हाशमी की फैन बनकर बड़ी हो. मैं एक गर्वित पिता बनूंगा.”

वह 2003 की फिल्म फुटपाथ से उनके फैन हैं. हाशमी के प्रति उनकी भक्ति इतनी गहरी है कि वह अभिनेता की सफलता के लिए हर मंगलवार चामुंडा देवी का व्रत रखते हैं.

गोहिल ने कहा, “जब तक एम्मी जान की कोई फिल्म मर्डर जैसी हिट नहीं हो जाती, मैं यह करता रहूंगा. इन दिनों मैं एक भी मंगलवार नहीं छोड़ता, क्योंकि इस साल आवारापन 2 रिलीज होने वाली है.”

इमरानियंस, जैसा कि इमरान हाशमी के कट्टर फैंस खुद को कहते हैं, जम्मू से केरल और यहां तक कि दुबई तक फैला एक समुदाय हैं. सालों तक उन्होंने दोहरी जिंदगी जी. ऑनलाइन वे गुमनाम या फर्जी अकाउंट्स के पीछे छिपे रहे. ऑफलाइन वे अपनी दीवानगी खुलकर नहीं बताते थे. उन मुश्किल दिनों में हाशमी का फैन होना कोई गर्व की बात नहीं मानी जाती थी. उन्हें पसंद करना एक गुप्त शौक था और उनकी फिल्में एक गिल्टी प्लेजर.

लंबे समय तक यह फैनडम लोगों के तानों के बोझ तले दबा रहा. 2000 के शुरुआती दौर की फिल्मों के कारण हाशमी पर “सीरियल किसर” का मजाकिया ठप्पा लगा दिया गया था. फिर भी उनके गाने, उनकी तीखी नजरें और बार-बार होंठ मिलाने के सीन कई लोगों के लिए गहरी भावनाओं से जुड़ गए.

फिल्म लेखिका पूजा तलवार ने कहा, “उनका दर्शक उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है. वह गाने और माहौल का हिस्सा बन जाते हैं.” उन्होंने राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान के दीवाने प्रशंसकों से उनकी तुलना की. फर्क बस इतना है कि वे अपने-अपने दौर के सुपरस्टार थे.

उन्होंने कहा, “इमरान हाशमी शायद उस श्रेणी में नहीं आते. फिर भी उन्होंने एक स्टार की रहस्यमय छवि को बनाए रखा है. किसी फिल्म या सीरीज के खत्म होते ही वह गायब हो जाते हैं. वे हर जगह नजर नहीं आते, न ही हर समय अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं. न तो पपराजी उन्हें हर वक्त कैमरे में कैद करते हैं और न ही वह अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को सार्वजनिक करते हैं.”

इमरान हाशमी के फैंस के लिए गाने सबसे अहम हैं. 2000 के दशक के सदाबहार रोमांटिक हिट गानों से उनका नाम हमेशा जुड़ा रहेगा, जैसे भीगे होंठ तेरे और आशिक बनाया आपने.

तलवार ने कहा, “चाहे कोई ऑटो रिक्शा में हो, फिएट चला रहा हो, मर्सिडीज या जगुआर में बैठा हो, काफी संभावना है कि उसकी प्लेलिस्ट में कोई इमरान हाशमी का गाना चल रहा हो.”

Emraan Hashmi fans
इमरान हाशमी के फैन्स उनके मुंबई वाले घर के बाहर। उनके पोस्टर में उन्हें उनकी नई वेब सीरीज़ ‘तस्करी’ के लिए शुभकामनाएं दी गई हैं | फोटो: त्रिया गुलाटी | दिप्रिंट

पिछले कुछ सालों में हाशमी के करियर ने फिर से रफ्तार पकड़ी, लेकिन बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड, एक बड़ा मोड़ साबित हुआ. इसके साथ एक सांस्कृतिक पल भी आया. आर्यन खान के शो ने सिर्फ हाशमी का जिक्र नहीं किया, बल्कि उनकी अंडरग्राउंड फैन संस्कृति को मान्यता दी.

राघव जुयाल का किरदार अभिनेता को देखते ही Tamally Ma’ak गाने में टूट पड़ता है. यह एक सामूहिक स्वीकारोक्ति जैसा था. हर हाशमी फैन ने खुद को स्क्रीन पर देखा. इंटरनेट पर तहलका मच गया और अचानक इमरानियंस ने फुसफुसाना छोड़ दिया. वे छाया से बाहर आए और अपनी जगह खुलकर लेने लगे.

लेकिन सृष्टि, जो एक फ्रीलांस डिजिटल मार्केटर हैं और 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स वाला इंस्टाग्राम फैन क्लब चलाती हैं, कभी अपने प्यार को जाहिर करने से नहीं डरीं. उन्होंने हर हाशमी फिल्म कम से कम 50 बार देखी है. स्कूल के बाद यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा था. जब कक्षा 10 की एक सहपाठी ने उनके पेंसिल बॉक्स में हाशमी की फोटो देखकर चिढ़ाया, तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने कहा, “मेरी एक क्लासमेट ने उनकी फोटो देखकर कहा, ‘छी, तुम्हें वो पसंद हैं.’ और तुरंत प्रतिक्रिया में मैंने उसे थप्पड़ मार दिया.” यह कहते हुए उन्होंने शर्म से अपना चेहरा ढक लिया. हालांकि सृष्टि को एक हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन उसके बाद किसी ने उनके सामने कभी हाशमी का मजाक नहीं उड़ाया.

उन्होंने कहा, “हम इमरान हाशमी के फैंस उनके लिए बहुत संवेदनशील हैं. हम बातें दिल पर लेते हैं. कोई भी हमसे पंगा नहीं लेना चाहता.”

नई मान्यता

18 सितंबर को दोपहर 12.30 बजे सृष्टि का फोन लगातार बजने लगा. हजारों सदस्यों वाले उनके इमरानियन फैन ग्रुप में जश्न का माहौल था. The Bads of Bollywood में इमरान हाशमी की कैमियो भूमिका ने फैंस को दीवाना कर दिया था.

उन्होंने कहा, “इंटरनेट की तरह हमारा ग्रुप भी पूरी तरह पिघल गया. कैमियो शो से भी ज्यादा वायरल हो गया.”

लेकिन ‘Emraan Hashmi Fans Group’ नाम का यह व्हाट्सएप ग्रुप, जिसकी डीपी में अभिनेता की एक दमदार तस्वीर है, सिर्फ उनकी फिल्मों की रिलीज के वक्त ही सक्रिय नहीं होता. सदस्य लगातार हाशमी के फैन एडिट्स, इंटरव्यू और पब्लिक अपीयरेंस पर चर्चा करते रहते हैं.

ग्रुप में शेयर किए गए एक क्लिप पर प्रतिक्रिया देते हुए एक फैन ने लिखा, “भाई पहले सिल्वर चेन पहनते थे, अब नजर नहीं आ रही.”

दूसरे ने तुरंत जवाब दिया, “हां, तुम सही कह रहे हो. वह सिल्वर चेन पहनते थे.”

इमरान हाशमी फैन क्लब

व्हाट्सएप पर ‘Emraan Hashmi Fans Group’ के स्क्रीनशॉट. फैंस अभिनेता की स्क्रीन मौजूदगी से लेकर उनकी सिल्वर चेन तक हर बात पर चर्चा करते हैं.

सदस्य खुद के वीडियो भी शेयर करते हैं, जिनमें वे हाशमी के डायलॉग बोलते नजर आते हैं. इसके अलावा एआई से बने फिल्म पोस्टर, त्योहारों की शुभकामनाएं और दूसरी चीजें भी साझा की जाती हैं.

Emraan Hashmi fan club
WhatsApp पर ‘इमरान हाशमी फैन्स ग्रुप’ के स्क्रीनशॉट। फैन्स एक्टर के स्क्रीन पर दिखने से लेकर उनकी सिल्वर चेन तक, हर चीज़ पर बात करते हैं.

फैनडम का कहना है कि आर्यन खान की नेटफ्लिक्स सीरीज ने इमरान हाशमी को लंबे समय बाद मिला सम्मान दिया और अनजाने में उनके खामोश फैंस को आवाज दे दी. टियर 2 और टियर 3 शहरों के मध्यवर्गीय पुरुषों के लिए हाशमी को खुले तौर पर पसंद करना कभी वर्जित नहीं था, क्योंकि उनके किरदार अक्सर उनकी जिंदगी और आकांक्षाओं को दर्शाते थे. हालांकि टियर 1 शहरों में, शो के रिलीज के बाद ही लोग अपनी दीवानगी खुलकर जाहिर करने लगे.

शहरों में रहने वाली महिलाओं के लिए भी इस सीरीज ने सामाजिक मान्यता दी, जिससे वे उस फैनडम को खुलकर जाहिर कर सकीं, जिसे वे अब तक निजी रखती थीं. सृष्टि का दावा है कि सीरीज के आने के बाद उनके इंस्टाग्राम फैन पेज पर कम से कम 600 से 700 महिला फॉलोअर्स बढ़े.

सुपरफैन राहुल गुप्ता, जो कानपुर से मुंबई आए एक उभरते फिल्ममेकर हैं, ने कहा कि सीरीज आने के बाद उन्हें पता चला कि उनके कई महिला दोस्त लंबे समय से छुपी हुई हाशमी फैन थीं.

उन्होंने कहा, “लोग, खासकर महिलाएं, डरती थीं कि अगर उन्होंने अपनी पसंद जाहिर की तो लोग उन्हें उनके ऑन-स्क्रीन किरदारों जैसा समझेंगे या उनके चरित्र को ‘ढीला’ कह देंगे.”

हालांकि गुप्ता को एक अफसोस भी है. उन्हें काश The Bads of Bollywood एक सीरीज के बजाय फिल्म होती.

उन्होंने कहा, “हम इसे थिएटर में देखकर पूरी आवाज में चिल्लाना चाहते थे. लेकिन वह कैमियो ऐतिहासिक था, जिसे दशकों तक याद रखा जाएगा.”

पिछले हफ्ते Taskaree के नेटफ्लिक्स पर नंबर एक बनने के बाद इमरान हाशमी ने फैंस का शुक्रिया अदा किया. कट्टर फैंस का कहना है कि उनके लिए अभिनेता की ‘इज्जत’ ही उनकी वफादारी को जिंदा रखती है.

छोटे शहर की प्रेरणा

‘KKC’ शब्द राहुल गुप्ता की पहचान का हिस्सा है. यह उनके अंधेरी स्थित घर की दीवार पर फ्रेम में लगा है और उनके इंस्टाग्राम हैंडल RahulKKC में भी शामिल है. हालांकि हर कोई नहीं जानता कि इसका मतलब क्या है. जन्नत 2 में हाशमी ने सोनू दिल्ली KKC यानी कुट्टी कमीनी चीज का किरदार निभाया था.

Taskaree
इमरान हाशमी ने पिछले हफ़्ते नेटफ्लिक्स पर ‘टास्करी’ के नंबर 1 पर आने के बाद फैंस को धन्यवाद दिया. उनके पक्के फैंस का कहना है कि उनके लिए इमरान का सम्मान ही उनकी वफ़ादारी को ज़िंदा रखता है.

कानपुर में बड़े होते हुए गुप्ता ने कहा कि हाशमी के किरदार जैसे शिवम पंडित (आवारापन), अर्जुन दीक्षित (जन्नत) और सोनू दिल्ली (जन्नत 2) उनसे सीधे जुड़ते थे, जैसे छोटे शहरों और कस्बों के दूसरे लड़कों से.

उन्होंने कहा, “हर लड़के का दिल टूटता है, क्योंकि उसके पास पैसे नहीं होते या वह किसी इज्जतदार पारिवारिक पृष्ठभूमि से नहीं आता. ऐसे लोगों के लिए शिवम पंडित की कहानी उनकी अपनी कहानी थी.” गुप्ता 2017 में फिल्ममेकर बनने के लिए मुंबई आए थे और तब से ज्यादातर शॉर्ट फिल्मों पर काम कर रहे हैं.

छोटे शहर से शोबिज की चमक-दमक भरी दुनिया में आने के फैसले का श्रेय गुप्ता हाशमी के डायलॉग्स को देते हैं, जिन्होंने उन्हें अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया.

उन्होंने कहा, “जन्नत में एक डायलॉग है, ‘पैर फैलाने के बाद चादर का साइज देखना चाहिए.’ और रश में भाई कहते हैं, ‘जो आदमी रिस्क नहीं लेता, उसकी लाइफ रिस्की हो जाती है.’ मैं मुंबई इसलिए आया, क्योंकि ये डायलॉग मेरे साथ रह गए और मुझे बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया.”

हाशमी के असर ने गुप्ता को अपने दुबले शरीर और टेढ़े दांतों को लेकर असुरक्षा के बावजूद प्यार जताने का हौसला भी दिया. जिस लड़की पर उन्हें सालों से क्रश था, उसे प्रपोज करने के लिए उन्होंने सड़क के बीच जन्नत का टाइटल ट्रैक गाया, ठीक वैसे ही जैसे फिल्म में हाशमी ने सोनल चौहान की जोया के लिए किया था.

गुप्ता के क्रश ने हां कह दिया.

सेलिब्रिटी मैचमेकर

गोहिल अकेले नहीं हैं. हाशमी की वजह से उनके दो फैंस की आज खुशहाल शादी हो चुकी है. जब माहि ने राघिब की इंस्टाग्राम फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की, तो इसकी वजह उनकी डीपी में इमरान हाशमी की तस्वीर थी. एक डीएम से बातचीत शुरू हुई, फैनडम दोस्ती में बदला और दोस्ती प्यार में बदल गई.

हाशमी के एक मीट एंड ग्रीट में राघिब ने अभिनेता से माहि के लिए एक वीडियो बनाने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने खुशी-खुशी पूरा किया. एक साल बाद दोनों की शादी हो गई. पिछले साल, जब हाशमी Haq के प्रमोशन कर रहे थे, तब राघिब और माहि उनसे फिर मिले, इस बार पति-पत्नी के रूप में.

राघिब ने कहा, “भाई हैरान रह गए. जब हमने यह कहानी सुनाई तो वह बहुत हंसे. सबसे अच्छी बात यह है कि वह अपने फैंस को याद रखते हैं. आप उनसे 4-5 बार मिलिए, वह आपको याद रखेंगे.”

फैंस के लिए हाशमी तक पहुंच आमतौर पर फिल्म प्रमोशन, स्पेशल स्क्रीनिंग और पाली हिल स्थित उनके अपार्टमेंट के बाहर जन्मदिन समारोहों के जरिए होती है.

गोहिल कहते हैं कि जब भी हाशमी उन्हें देखते हैं, वह तुरंत कहते हैं, “10 करोड़ वाला आ गया.” इसकी वजह यह है कि गोहिल ने एक जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान मुंबई सागा (2021) का एक डायलॉग बोला था. “सवाल यह नहीं कि अमर्त्य मरेगा, सवाल यह है कि 10 करोड़ का मैं करूंगा क्या.”

गोहिल ने कहा, “वह बहुत विनम्र हैं. वह हमें कभी छोटा महसूस नहीं होने देते. इतनी इज्जत दुनिया से नहीं मिलती, जितनी एम्मी जान देते हैं.”

किस पर बहस

इमरान हाशमी लंबे समय से बॉलीवुड के “सीरियल किसर” के टैग से बाहर निकलने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन यह ठप्पा अब भी उनके साथ जुड़ा रहता है. पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अपनी शुरुआती कासानोवा छवि से बिल्कुल अलग स्क्रिप्ट्स चुनी हैं, जैसे Selfiee, Haq और उनकी हालिया रिलीज Taskaree. फिर भी 2000 के दशक के किसिंग सीन बार-बार चर्चा में आ जाते हैं.

7 जनवरी को यशराज स्टूडियोज में Taskaree के लिए आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, जो एक कस्टम्स एन्फोर्समेंट थ्रिलर है, फैंस ने फिर पूछा कि क्या वे उन्हें फिर से वैसे ही ऑन-स्क्रीन रोमांस करते देखेंगे. इस पर हाशमी शरमा गए.

लेकिन जब ऑन-स्क्रीन नजदीकियों से जुड़े सवाल तंज या मजाक के साथ पूछे जाते हैं, तो फैंस नाराज हो जाते हैं. उनका कहना है कि उन भूमिकाओं ने हिंदी सिनेमा को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई.

बांद्रा बैंडस्टैंड पर मौजूद फैंस के बीच 23 साल से हाशमी के फैन समीर कुरैशी ने कहा, “आज फिल्मों और वेब सीरीज में नजदीकी को सामान्य बनाने का श्रेय भाई को जाता है. उन्होंने अपनी कीमत पर इसे स्वीकार्य बनाया. जो पहला व्यक्ति धारा के खिलाफ जाता है, उसे कीमत चुकानी पड़ती है. अगर भाई नहीं होते, तो फिल्ममेकर्स को बड़े पर्दे पर नजदीकी दिखाने में काफी मुश्किल होती.”

जब कुरैशी यह बात समझा रहे थे, तो उनके आसपास खड़े दूसरे फैंस सहमति में सिर हिला रहे थे और मुस्कुरा रहे थे, जैसे किसी ने उनकी दिल की बात कह दी हो.

कुरैशी ने मजाक में कहा कि उनकी पत्नी ने कभी उन्हें हाशमी की फिल्में देखने पर डांटा था, यह सोचकर कि कहीं वह भी “सीरियल किसर” न बन जाएं. लेकिन आज Sacred Games, Mirzapur और Aashram जैसी चर्चित सीरीज खुलकर यौनिकता दिखाती हैं.

उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “लोग उन्हें ‘एडल्ट फिल्में’ करने के लिए ताने मारते हैं. लेकिन जो किशोर हाशमी की फिल्में नहीं देखते, क्या वे अंग्रेजी फिल्में नहीं देखते, जिनमें उतनी ही एडल्ट सामग्री होती है. यह साफ पाखंड है. इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा खींचा गया है.”

हालांकि कुछ फैंस का मानना है कि किसिंग सीन पर जरूरत से ज्यादा ध्यान दिए जाने से अभिनेता के बेहतरीन अभिनय पर पर्दा पड़ गया.

मुंबई के फैन अविथ शेट्टी ने कहा, “हम Shanghai (2012) और Why Cheat India? (2019) जैसी फिल्मों को नहीं भूल सकते. ये उनकी सबसे कम आंकी गई परफॉर्मेंस में शामिल हैं, जिन पर शायद ही कोई बात करता है. उन्होंने ऐसे किरदार निभाए और ऐसे डायलॉग बोले हैं, जो कोई और निभा ही नहीं सकता था.”

भावनाओं से भरकर वह कुछ पल रुके, पीछे समुद्र की लहरों की आवाज थी. फिर उन्होंने कहा, “और आवारापन का क्या. उसमें एक भी नजदीकी सीन नहीं था. वह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही और बाद में कल्ट क्लासिक बन गई. इतना कि अब उसका सीक्वल बन रहा है.”

Emraan Hashmi
फैंस ने इमरान हाशमी के टैटू दिखाए | स्पेशल अरेंजमेंट

‘एक अच्छा इंसान’

इमरान हाशमी के फैंस के लिए वह सिर्फ एक अभिनेता नहीं हैं. वे उन्हें एक शिक्षक और मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं. उनकी फिल्में भले ही फैंस को उनकी ओर खींच लाई हों, लेकिन ऑफ स्क्रीन वह जैसे इंसान हैं, उसी के लिए वे उनके साथ खड़े रहते हैं. कई लोग उनके बारे में ऐसे बात करते हैं, जैसे वह उनके परिवार का हिस्सा हों.

सृष्टि ने कहा, “मुझे वह एक अभिनेता के तौर पर पसंद हैं, लेकिन एक इंसान के तौर पर मैं उनसे प्यार करती हूं.”

इसके बाद समूह ने मिलकर उन निजी खूबियों को गिनाया, जो उन्हें इंडस्ट्री के दूसरों से अलग बनाती हैं. जैसे यह ईमानदारी कि उन्होंने आलीशान जिंदगी के लिए फिल्मों में कदम रखा, अपने परिवार के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता, और अपने बेटे अयान के कैंसर इलाज के लिए अपने करियर को रोक देना.

सृष्टि के घर में लगे इमरान हाशमी के कटआउट. उनके इंस्टाग्राम फैन पेज के 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

सृष्टि ने कहा, “इंडस्ट्री में दो दशक से ज्यादा समय और एक भी विवाद नहीं. मुझे बताइए ऐसा कौन सा अभिनेता है.” इस पर सभी ने एक साथ “हां” कहा.

Emraan hashmi
इमरान हाशमी, राघिब और फातिमा के साथ पोज़ देते हुए। एक्टर ने उनकी लव स्टोरी में अहम भूमिका निभाई | विशेष व्यवस्था द्वारा

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने बोल्ड फिल्में कीं, फिर भी किसी अभिनेत्री ने कभी नहीं कहा कि उन्होंने उन्हें असहज महसूस कराया. किसी अभिनेता या निर्देशक ने उनके बारे में कभी बुरा नहीं कहा. न अफेयर, न झगड़े. यह साबित करता है कि वह एक अच्छे इंसान हैं और इसी वजह से हम उनसे प्यार करते हैं.”

Awarapan 2
अवारपन 2 के ट्रेलर का स्क्रीनशॉट. पिछले साल फैंस ने अवारपन सीक्वल बनाने के लिए अपना कैंपेन तेज़ कर दिया था.

मिशन पर फैन आर्मी

हालिया बदलाव से इमरान हाशमी के फैन फॉलोइंग में लैंगिक संतुलन भी बदल गया है.

सृष्टि ने कहा, “पहले 70-80 प्रतिशत फैंस पुरुष थे. अब यह साफ तौर पर 50-50 है. महिलाएं अब कहीं ज्यादा खुलकर उनके लिए अपना प्यार जाहिर कर रही हैं.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि इमरान हाशमी का फैन होना अक्सर तिरछी नजरों का सामना करना पड़ता था. रिश्तेदार उनके पिता को भी उनकी दीवानगी को लेकर चिढ़ाते थे.

सृष्टि के घर पर इमरान हाशमी के कट-आउट। इंस्टाग्राम पर उनके फैन पेज पर 3 लाख से ज़्यादा फॉलोअर्स हैं | विशेष व्यवस्था द्वारा

उन्होंने हंसते हुए कहा, “अच्छी बात यह है कि मेरे पापा खुद हाशमी फैन हैं.”

एक फैन की दीवार पर लगे इमरान हाशमी के पोस्टर और मीट एंड ग्रीट की तस्वीरें.

समर्पित फैन ग्रुप सिर्फ हाशमी की गतिविधियों पर नजर रखने या उनकी मौजूदगी पर चर्चा करने तक सीमित नहीं हैं. वे संगठित भी होते हैं. जब Tiger 3 का पहला पोस्टर जारी हुआ, तो इमरानियंस नाराज हो गए. सृष्टि ने पुराने ग्रुप चैट खंगाले, जिनमें गुस्से से भरे मैसेज थे कि कैसे सलमान खान और कैटरीना कैफ फ्रेम में छाए रहे और हाशमी को एक कोने में कर दिया गया.

इसके बाद लंबी चर्चाएं हुईं, रणनीति बनी और सही वक्त का इंतजार किया गया. फिर एक साथ फैनडम ने X पर यशराज फिल्म्स को टैग करते हुए हजारों ट्वीट किए. दो दिनों के भीतर प्रोडक्शन हाउस ने Tiger 3 का नया पोस्टर जारी किया, जिसमें हाशमी को बीच में जगह दी गई.

फैंस ने पूरी फिल्म बनने में भी भूमिका निभाई है. पिछले साल जब पुरानी फिल्मों को फिर से सिनेमाघरों में रिलीज किया जा रहा था, तब इमरानियंस ने सोशल मीडिया पर आवारापन के शिवम पंडित की वापसी की मांग की. इस साल यह इच्छा आने वाली आवारापन 2 के साथ हकीकत बन रही है.

Emraan hashmi fans
एक फैन की दीवार जिस पर इमरान हाशमी के पोस्टर और मीट-एंड-ग्रीट की तस्वीरें लगी हैं | विशेष व्यवस्था द्वारा

इस बार फैंस उत्साहित भी हैं और नर्वस भी. वे आवारापन 2 की सफलता से व्यक्तिगत रूप से जुड़े हुए हैं, जो अप्रैल 2026 में रिलीज होने वाली है.

सृष्टि ने कहा, “हम बस चाहते हैं कि आवारापन 2 उनके करियर की सबसे बड़ी हिट बने. और हम इसे मुमकिन बनाएंगे. उन्होंने हमें इतना कुछ दिया है. अब वक्त है कि हम उन्हें वह दें, जिसके वे सच में हकदार हैं. अगर मुझे इसे 100 बार देखना पड़े, तो मैं देखूंगी.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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