कठुआ: महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सशक्त बनाने और मिशन युवा के तहत महिलाओं को जोड़ने के उद्देश्य से रोजगार निदेशालय, जम्मू-कश्मीर ने जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (जेके एनआरएलएम) के सहयोग से आज सरकारी डिग्री कॉलेज, कठुआ में एक दिवसीय महिला उद्यमिता एवं SHG मेला आयोजित किया.
इस अवसर पर कठुआ के उपायुक्त राजेश शर्मा मुख्य अतिथि रहे. उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित महिला उद्यमियों, SHG सदस्यों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में मेले का औपचारिक उद्घाटन किया.
कार्यक्रम की शुरुआत में उपायुक्त ने जिले के विभिन्न तहसीलों से आए स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला उद्यमियों से बातचीत की. उन्होंने उनके प्रयासों, नवाचार और उद्यमशीलता की भावना की सराहना की.
कई महिला उद्यमियों ने इस दौरान अपनी व्यावसायिक यात्रा साझा की, जिससे अन्य प्रतिभागियों को प्रेरणा और प्रोत्साहन मिला. उपायुक्त ने मिशन युवा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत नए महिला उद्यमियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित किए, ताकि वे अपने व्यवसाय की शुरुआत और विस्तार कर सकें.
उपायुक्त राजेश शर्मा ने मेले के आयोजन के लिए रोजगार निदेशालय और जेके एनआरएलएम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि मिशन युवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का एक मजबूत मंच प्रदान कर रहा है. उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया. साथ ही, संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे इच्छुक महिला उद्यमियों को मार्गदर्शन, सहयोग और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं.
मेले में कई महिला स्वयं सहायता समूहों और गैर-सरकारी संगठनों ने अपने स्थानीय उत्पादों और निर्मित वस्तुओं के स्टॉल लगाए. इनमें मशरूम उत्पादन, शहद उत्पादन, पारंपरिक खाद्य पदार्थ व अचार, तथा कृत्रिम सजावटी वस्तुएं शामिल थीं. उपायुक्त ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और स्व-रोजगार व आत्मनिर्भरता में SHG की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि ये समूह न केवल रोजगार सृजन कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादन को भी बढ़ावा दे रहे हैं.
इस अवसर पर रोजगार की सहायक निदेशक पियूषा खजूरिया ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या में कमी नहीं आई है. स्थानीय उत्पादों की बिक्री और मूल्य संवर्धन से उन्हें अच्छी आय हो रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं. उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को इस तरह अपने स्वयं के उद्यम शुरू करने में मदद करना है.
