लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को ‘वीर बाल दिवस’ के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह के शहीद पुत्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीर बाल दिवस के मौके पर आयोजित ‘कीर्तन समागम’ में शामिल हुए. उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह के दो छोटे पुत्रों—साहिबजादा जोरावर सिंह (9 वर्ष) और साहिबजादा फतेह सिंह (6 वर्ष)—को याद किया, जिन्हें मुगल शासकों द्वारा इस्लाम कबूल न करने पर शहीद कर दिया गया था.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम मृत्यु के सामने भी साहस और धर्म पर अडिग रहने वाले इन बाल वीरों की बहादुरी को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया है.
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख समुदाय की उस मांग को सुना, जिसमें इन दो शहीद साहिबजादों को सम्मान देने के लिए एक विशेष दिन घोषित करने की बात कही गई थी. इसी समर्पण का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री ने 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ घोषित किया.
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने देशभर के सिखों की आवाज सुनी और उनके समर्पण का सम्मान करते हुए 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया.”
मुख्यमंत्री ने गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों—साहिबजादा अजीत सिंह, साहिबजादा जुझार सिंह, साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह—को श्रद्धांजलि दी और इतिहास को जीवित रखने तथा नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की.
उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों पुत्रों को नमन करता हूं. इतिहास को पुनर्जीवित करने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करता हूं.”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज़फरनामा और उससे जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को भी याद किया. उन्होंने कहा, “औरंगज़ेब यह समझता था कि गुरु गोबिंद सिंह कोई साधारण व्यक्ति हैं. आज कोई ऐसा स्थान नहीं है जहां हिंदू या सिख रहते हों और गुरु गोबिंद सिंह का सम्मान न हो, लेकिन उनकी कौम को औरंगज़ेब तक याद नहीं है.”
सिख गुरुओं के इतिहास को याद करते हुए उन्होंने कहा, “सिख गुरुओं का इतिहास तेजस्वी और प्रेरणादायक है. गुरु नानक देव जी महाराज भक्ति के प्रकाश थे. सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने मानवता के लिए जो किया, उसका प्रभाव आज भी दिखाई देता है.”
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान और साहस को याद किया. उन्होंने कहा कि यह दिन माता गुजरी जी की अडिग आस्था और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं को सम्मान देने का अवसर है, जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “वीर बाल दिवस श्रद्धा का दिन है, जो वीर साहिबजादों के बलिदान की स्मृति को समर्पित है. हम माता गुजरी जी की अटूट आस्था और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की अमर शिक्षाओं को स्मरण करते हैं. यह दिन साहस, दृढ़ विश्वास और धर्मनिष्ठा से जुड़ा है. उनका जीवन और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे.”
