नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रयागराज महाकुंभ को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का दर्जा दिया है.
महाकुंभ 2025 में अभूतपूर्व सफलता और रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के अनुभव के आधार पर प्रशासन माघ मेला 2026 को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है.
कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल के अनुसार 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. मेला प्राधिकरण ने थीमेटिक सजावट, टेंट सिटी, LED लाइटिंग, सांस्कृतिक मंच और सार्वजनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है. डिजिटल प्रचार और ग्लोबल ब्रांडिंग के जरिए मेला भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा.
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