नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा)यूरोप की जलवायु एजेंसी ‘कोपरनिकस’ द्वारा प्रकाशित नए आंकड़ों में दावा किया गया है कि 2025 वर्तमान में 2023 के साथ रिकॉर्ड पर दूसरा सबसे गर्म वर्ष होने वाला है।
कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा (सी3एस) ने कहा कि यह वर्ष लगभग निश्चित है कि 2024 के बाद अब तक का दूसरा या तीसरा सबसे गर्म वर्ष होगा।
कोपरनिकस ने कहा कि जनवरी से नवंबर 2025 के लिए वैश्विक औसत तापमान विसंगति 1991-2020 के औसत से 0.60 डिग्री सेल्सियस अधिक या 1850-1900 के पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.48 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
एजेंसी ने यह भी कहा कि नवंबर 2025 वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे गर्म नवंबर रहा। इस महीने में उत्तरी कनाडा और आर्कटिक महासागर में औसत से अधिक तापमान देखा गया, साथ ही कई चरम मौसम की घटनाएं भी हुईं। इनमें दक्षिण पूर्व एशिया में उष्णकटिबंधीय चक्रवात शामिल थे, जिनके कारण व्यापक और विनाशकारी बाढ़ आई और जानमाल का नुकसान हुआ।
जलवायु रणनीतिक प्रमुख सामंथा बर्गेस ने कहा, ‘‘नवंबर में वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.54 डिग्री सेल्सियस अधिक था और 2023-2025 के लिए तीन साल का औसत पहली बार 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने की राह पर है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ये स्थितियां जलवायु परिवर्तन की तीव्र गति को दर्शाती हैं और भविष्य में बढ़ते तापमान को कम करने का एकमात्र उपाय ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में तेजी से कमी लाना है।’’
नवंबर 2025 में सतह का औसत वायु तापमान 14.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 1991-2020 के इस महीने के औसत तापमान से 0.65 डिग्री सेल्सियस अधिक है। यह 2023 में दर्ज सबसे गर्म नवंबर से 0.20 डिग्री सेल्सियस और नवंबर 2024 से 0.08 डिग्री सेल्सियस कम है।
भाषा शफीक दिलीप
दिलीप
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