ढाका, 27 नवंबर (भाषा) बांग्लादेश की एक अदालत ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को एक सरकारी आवास परियोजना के लिए भूमि आवंटन में अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के तीन मामलों में बृहस्पतिवार को 21 साल की जेल की सजा सुनाई।
ढाका विशेष न्यायाधीश न्यायालय-5 के न्यायाधीश मोहम्मद अब्दुल्ला अल मामून ने हसीना (78) को पूर्वाचल स्थित राजुक न्यू टाउन परियोजना में भ्रष्टाचार के तीन मामलों में सात-सात साल की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने कहा कि हसीना को ये सजाएं एक के बाद एक काटनी होंगी और कुल सजा 21 साल की होगी। न्यायाधीश ने हसीना पर प्रत्येक मामले में एक लाख टका का जुर्माना भी लगाया और राशि जमा न करने पर 18 महीने अतिरिक्त जेल में रहने की सजा सुनाई।
न्यायाधीश मामून ने हसीना के बेटे साजिब वाजेद जॉय और बेटी साइमा वाजेद पुतुल को भी राजधानी के पास स्थित आवासीय परियोजना में उनके खिलाफ दर्ज मामलों में पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई।
जॉय और पुतुल पर एक-एक लाख टका का जुर्माना लगाया गया और इसका भुगतान न करने पर एक महीने अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई गई।
न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा, ‘‘ भूखंड शेख हसीना को बिना किसी आवेदन के और गैरकानूनी तरीके से आवंटित किया गया था।’’
दस दिन पहले एक विशेष न्यायाधिकरण ने पिछले वर्ष छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर हसीना सरकार की क्रूर कार्रवाई को लेकर ‘मानवता के विरुद्ध अपराध’ के लिए पूर्व प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी।
हसीना ने आरोपों को पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया था।
हसीना पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों के चलते अपनी पार्टी की सरकार गिरने के बाद अगस्त में भारत चली गई थीं। इससे पहले एक अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था।
बृहस्पतिवार के आदेश से पहले अधिकारियों ने पुराने ढाका में स्थित अदालत परिसर में और उसके आसपास कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए थे।
हसीना परिवार के अलावा, पूर्व आवास राज्य मंत्री शरीफ अहमद तथा आवास मंत्रालय और राजधानी उन्नयन कर्त्रीपक्का के अधिकारियों सहित कुल 20 अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा चलाया गया। इनमें से एक को छोड़कर सभी को विभिन्न अवधि के कारावास की सजा सुनाई गई।
इस मामले में मंत्रालय के एक कनिष्ठ अधिकारी को बरी किया गया। केवल एक आरोपी ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से मुकदमे का सामना किया और उसे तीन वर्ष की सजा सुनाई गई।
बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने 12 से 14 जनवरी के बीच छह मामले दर्ज किए थे और सभी में 10 मार्च को आरोप-पत्र दाखिल किए।
अदालत ने 31 जुलाई को तीनों मामलों में आरोप तय कर आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
इन मामलों में कुल 29 गवाहों ने गवाही दी।
एक दिन पहले, विदेश मामलों के सलाहकार एम. तौहीद हुसैन ने कहा था कि बांग्लादेश हसीना के प्रत्यर्पण के अपने पहले के अनुरोध पर नयी दिल्ली से जवाब मिलने की उम्मीद करता है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने और पूर्व प्रधानमंत्री को दोषी ठहराए जाने के बाद ‘‘अब स्थिति अलग है’’।
भारत ने बुधवार को कहा था कि वह हसीना के प्रत्यर्पण के अंतरिम सरकार के अनुरोध पर गौर कर रहा है। भारत ने कहा कि वह बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हसीना की सरकार गिरने के बाद से उनकी अवामी लीग पार्टी के अधिकतर नेता या तो गिरफ्तार कर लिए गए हैं या देश छोड़कर चले गए हैं।
भाषा जोहेब अविनाश वैभव
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