लाहौर, 18 नवंबर (भाषा) पाकिस्तान के एक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पुलिस को भारतीय सिख महिला को परेशान करना बंद करने का आदेश दिया, जिसने इस्लाम धर्म अपनाकर स्थानीय मुस्लिम व्यक्ति से शादी कर ली थी। महिला की मुस्लिम व्यक्ति से मित्रता सोशल मीडिया पर हुई थी।
सरबजीत कौर (48) उन 2,000 सिख तीर्थयात्रियों में शामिल थी, जो इस महीने की शुरुआत में गुरु नानक जयंती से संबंधित उत्सव में शामिल होने के लिए भारत से वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में दाखिल हुए थे।
तीर्थयात्री 13 नवंबर को घर लौट आए, लेकिन कौर लापता पाई गई। लाहौर में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बाद में बताया कि कौर ने चार नवंबर को पाकिस्तान पहुंचने के एक दिन बाद लाहौर से लगभग 50 किलोमीटर दूर शेखपुरा जिले के नासिर हुसैन से शादी कर ली।
उसी दिन जब तीर्थयात्री ननकाना साहिब गए, तो कौर जत्थे में शामिल नहीं हुई और हुसैन के साथ शेखूपुरा पहुंच गई।
मंगलवार को, कौर और हुसैन ने लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर शिकायत की कि पुलिस ने शेखूपुरा के फारूकाबाद स्थित उनके घर पर अवैध रूप से छापा मारा और उन पर शादी तोड़ने का दबाव डाला।
लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश फारूक हैदर ने पुलिस को याचिकाकर्ताओं को परेशान करना बंद करने का आदेश दिया। याचिका में कौर ने कहा कि एक पुलिस अधिकारी ने दंपति को अनुचित रूप से परेशान किया और उन्हें विवाह तोड़ने के लिए मजबूर किया।
कौर ने कहा कि उसका पति पाकिस्तानी नागरिक है और उसने अपना वीज़ा बढ़ाने और पाकिस्तानी नागरिकता प्राप्त करने के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो क्लिप में, महिला ने कहा कि वह हुसैन को पिछले नौ सालों से फेसबुक के ज़रिए जानती थी।
कौर ने कहा ‘मैं तलाकशुदा हूं और हुसैन से शादी करना चाहती थी; मैं इसी मकसद से यहां आई।’ महिला ने यह भी कहा कि उसे और उसके पति को पुलिस और अज्ञात लोगों द्वारा परेशान किया गया।
निकाह समारोह से पहले कौर को एक मुस्लिम नाम, नूर, दिया गया। उसने कहा, ‘मैं हुसैन से शादी करके खुश हूं।’
कौर भारत के कपूरथला ज़िले के अमानीपुर गांव की मूल निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, भारत के पंजाब राज्य में उसके लापता होने की जांच की जा रही है।
पूर्व में ऐसी खबरें आई थीं कि कौर का पति पिछले कई सालों से विदेश में रह रहा है। उनके दो बेटे हैं।
भाषा आशीष माधव
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