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Tuesday, 31 March, 2026
होमविदेश'प्रतिशोधात्मक इस्तीफा': क्या नौकरी छोड़ते समय हिसाब बराबर करना सचमुच अच्छा विचार है?

‘प्रतिशोधात्मक इस्तीफा’: क्या नौकरी छोड़ते समय हिसाब बराबर करना सचमुच अच्छा विचार है?

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(कैथी हार्टले, सैलफोर्ड विश्वविद्यालय) साल्फोर्ड (ब्रिटेन), 16 नवंबर (द कन्वरसेशन) कुछ कर्मचारियों के लिए अपनी नौकरी नाटकीय ढंग से छोड़ना अपना असंतोष व्यक्त करने का एक नया तरीका बन गया है। वायरल वीडियो, तीखी भाषा में लिखे ईमेल और अचानक नौकरी छोड़ने को ‘प्रतिशोधात्मक इस्तीफा’ कहा जाता है जो गहरे गुस्से को दर्शाता है। हममें से कई लोगों को कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार के कारण गुस्सा आता है और कभी-कभी तो अचानक नौकरी छोड़ने की इच्छा भी होती है। दमनकारी बॉस, अपमानजनक टिप्पणियां, या कम वेतन इन आवेगपूर्ण प्रतिक्रियाओं को बढ़ावा दे सकते हैं। लेकिन जहां ज़्यादातर कर्मचारी अपना गुस्सा दबा कर अपनी नौकरी पर लौट आते हैं, वहीं कुछ लोग इस तरह नौकरी छोड़ने का फ़ैसला करते हैं जिससे उनके नियोक्ता को एक स्पष्ट संदेश जाता है। ‘प्रतिशोधात्मक इस्तीफे’ की दुनिया में आपका स्वागत है। ”मौन निष्क्रियता” (क्वाइट क्विटिंग), जिसमें कर्मचारी अपनी नौकरी में बने रहते हैं लेकिन केवल न्यूनतम काम करते हैं, ‘प्रतिशोधात्मक इस्तीफे’ में लोग शोरगुल और नाटकीय अंदाज़ में नौकरी छोड़ते हैं.

यह चलन अब पूरे विश्व में फैल गया है। कुछ लोग सोशल नेटवर्क के लिए अपने इस्तीफे का वीडियो बनाते हैं, तीखी भाषा में लिखे विदाई ईमेल भेजते हैं या अंतिम क्षण में अपना पद छोड़ देते हैं। कुछ लोग तो कभी-कभी वह कक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले ही पद छोड़ देते हैं, जिसे उन्हें पढ़ाना होता है। इन दृश्यों में “प्रतिशोधात्मक इस्तीफे” के मुक्तिदायक पहलू को दिखाया गया है, यानी जब कोई व्यक्ति उपेक्षित व्यवहार झेल रहा हो, तो नौकरी छोड़कर अपना आत्मसम्मान वापस हासिल करने का एक तरीका है। मगर ये दृश्य सिर्फ़ दफ़्तर के झगड़ों में बढ़ोतरी के असर से ज़्यादा गहरी बात बताते हैं। ये दिखाते हैं कि आज कुछ कर्मचारी, जब हद से ज़्यादा दबाव या अन्याय झेल लेते हैं, तो वे ज़ोरदार विरोध जताते हुए नौकरी छोड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपनी 1970 की प्रसिद्ध कृति ‘एग्जिट वाइस एंड लायल्टी’ में अर्थशास्त्री अल्बर्ट हिर्शमन ने बताया कि किसी असंतोषजनक स्थिति का सामना होने पर व्यक्तियों के पास तीन विकल्प होते हैं: अपनी आवाज़ उठाना, निष्ठा दिखाना, या फिर छोड़कर चले जाना। ‘प्रतिशोधात्मक इस्तीफा’ इस अंतिम श्रेणी में आता है – लेकिन एक विशेष रूप में, नियोक्ताओं को एक स्पष्ट संदेश भेजता है। इस तरह दफ़्तर की स्थितियां‘ प्रतिशोधात्मक इस्तीफे (रिवेंज क्विटिंग) की संभावना को बढ़ा देती हैं। 1. खराब व्यवहार वाले वरिष्ठ या खराब कार्य वातावरण: शोध से पता चलता है कि अपमानजनक या दुरुपयोग करने वाले सुपरवाइज़र कर्मचारियों में प्रतिशोध लेने और नौकरी छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ा देते हैं। 2. ग्राहकों द्वारा दुर्व्यवहार: अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि ग्राहकों के रूखेपन या बदतमीजी से उन कर्मचारियों में बदले की इच्छा पैदा हो सकती है, जो सीधे जनता के संपर्क में काम करते हैं। 3.भावनात्मक थकान: अत्यधिक काम या सहयोग की कमी कुछ लोगों को प्रतिशोधात्मक व्यवहार अपनाने की ओर धकेल सकती है, जिनमें नाटकीय तरीके से नौकरी छोड़ना भी शामिल है। 4. सोशल मीडिया संस्कृति: टिकटॉक जैसे ऐप एक मंच प्रदान करते हैं, जो इस्तीफ़े को केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि दुनिया को दिखाने के लिए भी बना देते हैं। जोखिम और विकल्प बेशक, “प्रतिशोधात्मक इस्तीफे” में जोखिम भी होते हैं। नाटकीय तरीके से नौकरी छोड़ना करियर को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां लोगों की पहचान जल्दी फैल जाती है। इसके अलावा, जब कोई व्यक्ति कम समय में कई नौकरियां छोड़ देता है, और बार-बार नौकरी बदलता है तो इससे उसकी प्रतिष्ठा भी प्रभावित हो सकती है। इसके विकल्प क्या हैं? 1. नौकरी छोड़कर जाने के बजाय अपनी बात रखें: अपनी परेशानियां या शिकायतें मानव संसाधन विभाग, जिम्मेदार लोगों या जहां यूनियन मौजूद हो, वहां उनके प्रतिनिधियों को साफ़-साफ़ बताएं। 2 धीरे-धीरे दूरी बनाना : बिना शोर किए खुद को थोड़ा पीछे हट जाएं, जैसे बैठकों की तैयारी में कम समय देना या अतिरिक्त काम लेने से बचना ताकि आप अपनी स्थिति पर दोबारा थोड़ा नियंत्रण पा सकें। द कन्वरसेशन नोमान पवनेशपवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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