नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) उद्योग निकाय इस्मा ने कहा है कि मुख्य रूप से महाराष्ट्र में अधिक उत्पादन के कारण, सितंबर में शुरू हुए चालू विपणन वर्ष 2025-26 में भारत का चीनी उत्पादन 16 प्रतिशत बढ़कर 343.5 लाख टन होने का अनुमान है।
विपणन वर्ष 2024-25 (अक्टूबर-सितंबर) में सकल चीनी उत्पादन 296.10 लाख टन रहा है।
बढ़े हुए क्षेत्रफल और उत्पादकता के कारण, महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन विपणन वर्ष 2024-25 के 93.51 लाख टन के उत्पादन के मुकाबले बढ़कर 130 लाख टन हो जाने की उम्मीद है।
मंगलवार को एक बयान में, भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (इस्मा) ने कहा कि शुद्ध चीनी उत्पादन (एथनॉल उत्पादन की ओर स्थानांतरित करने के बाद) पहले के 261.08 लाख टन से बढ़कर 309.5 लाख टन होने का अनुमान है।
अनुमान है कि विपणन वर्ष 2025-26 में 34 लाख टन एथनॉल उत्पादन में लगाया जाएगा, जबकि पिछले वर्ष यह 35 लाख टन था।
इस्मा ने कहा कि 50 लाख टन चीनी के शुरुआती स्टॉक को ध्यान में रखते हुए, विपणन वर्ष 2025-26 में कुल उपलब्धता 359.5 लाख टन होगी, जबकि वार्षिक घरेलू मांग 285 लाख टन अनुमानित है।
अंतिम स्टॉक 74.5 लाख टन अनुमानित है।
इस्मा ने कहा, ‘‘चीनी के पर्याप्त संतुलन के साथ, भारत इस सत्र में लगभग 20 लाख टन निर्यात करने की स्थिति में है। हमने सरकार से जल्द से जल्द निर्यात नीति की घोषणा करने का आग्रह किया है, ताकि मिलें अपनी कच्ची और सफेद चीनी उत्पादन रणनीतियों की पहले से सक्रिय रूप से योजना बना सकें।’’
चीनी सत्र 2025-26 के लिए देश में कुल गन्ने का रकबा लगभग 57.35 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है, जबकि चीनी सत्र 2024-25 में यह 57.11 लाख हेक्टेयर था।
भाषा राजेश राजेश अजय
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