नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कैंपबेल विल्सन ने बुधवार को कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं से यात्रा मांग कम होने के बावजूद एयरलाइन अपने विस्तार की राह से नहीं हटेगी।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद रहने से एयर इंडिया को करीब 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
विल्सन ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, “मुझे लगता है कि 2025 का प्रमुख शब्द ‘अनिश्चितता’ रहा है। वैश्विक व्यापार नीति, राजनीतिक स्थिरता और शांति से जुड़ी अनिश्चितताओं का असर यात्रा मांग पर पड़ रहा है।”
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने से उत्तर अमेरिका और यूरोप जाने वाली उड़ानों को लंबा मार्ग लेना पड़ रहा है, जिससे परिचालन लागत बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि एयर इंडिया को हाल के महीनों में कई अप्रत्याशित झटकों का सामना करना पड़ा है, जिनमें 12 जून को ड्रीमलाइनर विमान की दुर्घटना, पाकिस्तान के साथ संघर्ष और इजराइल-ईरान संघर्ष शामिल हैं। इसके साथ अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत शुल्क लगाने और एच-1बी वीजा पर पाबंदियों ने भी वैश्विक यात्रा पर असर डाला है।
विल्सन ने कहा, “ये सभी अप्रत्याशित झटके हैं, लेकिन ये हमें पटरी से नहीं उतार सकते हैं। एयर इंडिया का लक्ष्य भारतीय आत्मा वाली एक विश्वस्तरीय एयरलाइन बनने का है।”
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के पास फिलहाल करीब 190 विमानों का बेड़ा है।
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