नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) मित्तल समूह और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के संयुक्त उद्यम एचएमईएल ने बुधवार को कहा कि उसने हालिया प्रतिबंधों के मद्देनजर रूस से कच्चे तेल की खरीद रोकने का फैसला किया है।
एचएमईएल पहली भारतीय कंपनी है, जिसने रूस के बड़े तेल उत्पादकों पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद आधिकारिक रूप से कहा कि वह रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगी।
एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) ने एक बयान में कहा कि उसने अब तक रूस से तेल की खरीद आपूर्ति के आधार पर की है। इसका अर्थ है कि आपूर्तिकर्ता ने जल परिवहन की व्यवस्था की थी। ऐसी आपूर्ति के लिए भारतीय बंदरगाहों पर आने वाले सभी जहाज बिना किसी अनुमति के थे।
कंपनी ने आगे कहा, ‘‘अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन द्वारा रूस से कच्चे तेल के आयात पर नए प्रतिबंधों की घोषणा के बाद, एचएमईएल ने रूस से कच्चे तेल की आगे की खरीद को रोकने का फैसला किया है।’’
पंजाब के बठिंडा में एक तेल रिफाइनरी का स्वामित्व और संचालन करने वाली इस कंपनी ने कहा कि उसने हमेशा सरकारी नीतियों और नियमों का पूरी तरह पालन किया है। एचएमईएल की व्यावसायिक गतिविधियां भारत सरकार और उसकी ऊर्जा सुरक्षा नीति के अनुरूप हैं।
इससे पहले ‘फाइनेंशियल टाइम्स ने खबर दी थी कि एचएमईएल को इस साल लगभग 28 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कम से कम चार कच्चे तेल की खेप प्रतिबंधित जहाजों से मिली। इस पर एचएमईएल ने कहा कि उसने रूस से तेल आपूर्ति के आधार पर खरीदा, और जल परिवहन की व्यवस्था आपूर्तिकर्ता ने की थी।
भाषा पाण्डेय अजय
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